Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कृष्ण के साँवले शरीर पर पीला वस्त्र कैसा लग रहा है?
Advertisements
उत्तर
श्रीकृष्ण के साँवले शरीर पर पीला वस्त्र अत्यधिक सुशोभित हो रहा है। इस पीले वस्त्र के कारण उनका सौंदर्य बढ़ गया है। साँवले शरीर पर पीला वस्त्र ऐसे लग रहा है जैसे नीलमणि पर्वत पर प्रभातकालीन सूर्य की पीली-पीली धूप पड़ रही हो।
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
छाया भी कब छाया ढूँढ़ने लगती है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
बिहारी की नायिका यह क्यों कहती है 'कहिहै सबु तेरौ हियौ, मेरे हिय की बात' - स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
सच्चे मन में राम बसते हैं−दोहे के संदर्भानुसार स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
गोपियाँ श्रीकृष्ण की बाँसुरी क्यों छिपा लेती हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
बिहारी कवि ने सभी की उपस्थिति में भी कैसे बात की जा सकती है, इसका वर्णन किस प्रकार किया है? अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
मनौ नीलमनि-सैल पर आतपु पर्यो प्रभात।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जगतु तपोबन सौ कियौ दीरघ-दाघ निदाघ।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जपमाला, छापैं, तिलक सरै न एकौ कामु।
मन-काँचै नाचै बृथा, साँचै राँचै रामु।।
सतसैया के दोहरे, ज्यों नावक के तीर ।
देखन में छोटे लगै, घाव करें गंभीर ।।
अध्यापक की मदद से बिहारी विषयक इस दोहे को समझने का प्रयास करें। इस दोहे से बिहारी की भाषा संबंधी किस विशेषता का पता चलता है?
भयंकर गरमी का जीव-जंतुओं के स्वभाव पर क्या असर हुआ है?
गोपियाँ बातों का आनंद लेने के लिए क्या करती हैं?
बिहारी भगवान से क्या प्रार्थना करते हैं ?
बिहारी गागर में सागर भरने की कला में सिद्धहस्त हैं। कहत नटत…’ दोहे के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
कवि बिहारी भी कबीर की भाँति आडंबरपूर्ण भक्ति से दूर रहना चाहते थे। स्पष्ट कीजिए।
