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प्रश्न
कोई व्यक्ति अपनी दृष्टि को संशोधित करने के लिए अपने चश्मे में −0.5D क्षमता के लेंसों का उपयोग करता है।
- यह व्यक्ति जिस दृष्टि दोष से पीड़ित है उसका नाम लिखिए।
- इस दोष के दो कारणों की सूची बनाइए।
- उसके चश्मे में उपयोग किए गए लेंसों की फोकस दूरी निर्धारित कीजिए।
सविस्तर उत्तर
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उत्तर
a. यह व्यक्ति निकट दृष्टिदोष (मायोपिया) से पीड़ित है।
b. इस दोष के दो कारणों की सूची:
- नेत्रगोलक का अधिक लंबा होना: जिससे प्रकाश किरणें रेटिना पर सही तरीके से केंद्रित नहीं हो पातीं और दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं।
- नेत्र लेंस की वक्रता बढ़ जाना: जिससे दूर की वस्तुओं से आने वाली किरणें रेटिना पर केंद्रित होने के बजाय उससे पहले केंद्रित हो जाती हैं।
c. दिया गया: P = − 0.5 D (लेंस की क्षमता)
फोकस दूरी (f) ज्ञात करने का सूत्र:
`P = 1/f`
जहाँ, P = लेंस की क्षमता में, और f = फोकल लंबाई मीटर में,
`f = 1/P`
`f = 1/(−0.5)`
= −2 मीटर
अतः चश्मे में उपयोग किए गए लेंस की फोकस दूरी −2 मीटर (या −200 सेमी) है। ऋणात्मक संकेत यह दर्शाता है कि यह अवतल लेंस है, जो मायोपिया के सुधार के लिए प्रयोग किया जाता है।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
