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प्रश्न
कोई पिंड शून्य बाह्य असंतुलित बल अनुभव करती है। क्या किसी भी पिंड के लिए अशून्य वेग से गति करना संभव है? यदि हाँ, तो पिंड के वेग के परिमाण एवं दिशा पर लगने वाली शर्ते का उल्लेख करें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।
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उत्तर
हाँ, जब किसी वस्तु पर बाह्य असंतुलित बल शून्य होता है, तो वस्तु शून्येतर वेग से यात्रा कर सकती है। इसके लिए आवश्यक शर्तें हैं:
- वस्तु पहले से ही एक सीधी रेखा में एक समान गति से गतिमान होनी चाहिए।
- वेग के परिमाण में कोई परिवर्तन नहीं होना चाहिए और गति की दिशा में भी कोई परिवर्तन नहीं होना चाहिए।
- वायु के कारण गति का प्रतिरोध शून्य होना चाहिए।
- वस्तु और ज़मीन के बीच घर्षण के कारण गति का प्रतिरोध शून्य होना चाहिए।
यदि ऊपर बताई गई चार शर्तों में से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती है, तो उत्तर होगा नहीं। ऐसा इसलिए है क्योंकि गति शुरू करने और उसके बाद उसके वेग में किसी भी बदलाव (कमी/वृद्धि) के लिए बाहरी असंतुलित बल की आवश्यकता होती है।
संबंधित प्रश्न
धक्के के द्वारा वस्तुओं की गति की अवस्था में परिवर्तन के दो उदाहरण दीजिए।
कुएँ से पानी निकालते समय हमें रस्सी को ______ पड़ता है।
एक आवेशित वस्तु अनावेशित वस्तु को ______ करती है।
सामान से लदी ट्रॉली को चलाने के लिए हमें उसको ______ पड़ता है।
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कंक्रीट के फर्श पर लुढ़कती 50g द्रव्यमान की किसी गेंद का वेग-समय ग्राफ चित्र में दर्शाया गया है। गेंद का त्वरण तथा फर्श द्वारा बॉल पर लगाया गया घर्षण बल परिकलित कीजिए।

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