मराठी

क्लोरोऐसीटिक अम्ल का आयनन स्थिरांक 1.35 × 10-3 है। 0.1 M अम्ल तथा इसके 0.1 M सोडियम लवण की pH ज्ञात कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

क्लोरोऐसीटिक अम्ल का आयनन स्थिरांक 1.35 × 10-3 है। 0.1 M अम्ल तथा इसके 0.1 M सोडियम लवण की pH ज्ञात कीजिए।

संख्यात्मक
Advertisements

उत्तर

माना क्लोरोऐसीटिक अम्ल के वियोजन की मात्रा α है।

  CH2ClCOOH CH2ClCOO- + H+
प्रारंभिक सांद्रण 0.1   -   -
वियोजन के पश्चात् 0.1(1 - α)   0.1 × α   0.1 × α

`therefore "K"_"a" = (["CH"_2"ClCOO"^-]["H"^+])/("CH"_2"ClCOOH")`

`1.35 xx 10^-3 = ((0.1 xx alpha)(0.1 xx alpha))/(0.1 (1 - alpha)) ≃ (0.1 alpha)^2/0.1`

या `alpha = [(1.35 xx 10^-3 xx 0.1)/(0.1)^2]^(1//2)` = 0.116

[H+] = 0.1 × α = 0.1 × 0.116 = 0.0116

तथा pH = - log [H+] = - log (0.0116) = 1.94

क्लोरोऐसीटिक अम्ल का सोडियम लवण दुर्बल अम्ल तथा प्रबल क्षारक का लवण होता है। इस प्रकार के लवण के लिए,

pH = `1/2"pK"_"w" + 1/2"pK"_"a" + 1/2 log "C"`

`= 1/2 [- log (1.0 xx 10^-14)] + 1/2[- log (1.35 xx 10^-3)] + 1/2 log (0.1)`

= 7.0+ 1.435 + (- 0.5)

= 7.94

shaalaa.com
अल्पविलेय लवणों की विलेयता साम्यावस्था
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

संबंधित प्रश्‍न

लोह अयस्क से स्टील बनाते समय जो अभिक्रिया होती है, वह आयरन (II) ऑक्साइड का कार्बन मोनोक्साइड के द्वारा अपचयन है एवं इससे धात्विक लोह एवं CO2 मिलते हैं।
\[\ce{FeO(s) + CO(g) ⇌ Fe(s) + CO2(g)}\]; Kp = 0.265 atm at 1050 K
1050 K पर CO एवं CO2 के साम्य पर आंशिक दाब क्या होंगे, यदि उनके प्रारंभिक आंशिक दाब हैं-
PCO = 1.4 atm एवं `"P"_("CO"_2)` = 0.80 atm


473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH = 124.0 kJ mol-1

यदि

  1. और अधिक PCl5 मिलाया जाए,
  2. दाब बढ़ाया जाए तथा
  3. ताप बढ़ाया जाए, तो Kc पर क्या प्रभाव होगा?

यदि पिरीडिनीयम हाइड्रोजन क्लोराइड के 0.02 M विलयन का pH 3.44 है तो पिरीडीन का आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।


निम्नलिखित मिश्रण की pH परिकलित कीजिए-

0.01 M H2SO4 का 10 mL + 0.01 M Ca(OH)2 का 10 mL


निम्नलिखित मिश्रण की pH परिकलित कीजिए-

0.1 M H2SO4 का 10 mL + 0.1 M KOH का 10 mL


Ag2CrO4 तथा AgBr का विलेयता गुणनफल स्थिरांक क्रमशः 1.1 × 10-12 तथा 5.0 × 10-13 हैं। उनके संतृप्त विलयन की मोलरता का अनुपात ज्ञात कीजिए।


यदि 0.002 M सांद्रतावाले सोडियम आयोडेट तथा क्यूप्रिक क्लोरेट विलयन के समान आयतन को मिलाया जाए तो क्या कॉपर आयोडेट का अवक्षेपण होगा? (कॉपर आयोडेट के लिए Ksp = 7.4 × 10-8)


बेन्जोईक अम्ल का आयनन स्थिरांक 6.46 × 10-5 तथा सिल्वर बेन्जोएट का Ksp 2.5 × 10-13 है। 3.19 pH वाले बफर विलयन में सिल्वर बेन्जोएट जल की तुलना में कितना गुना विलेय होगा?


फैरस सल्फेट तथा सोडियम सल्फाइड के सममोलर विलयनों की अधिकतम सांद्रता बताइए जब उनके समान आयतन मिलाने पर आयरन सल्फाइड अवक्षेपित न हो।
(आयरन सल्फाइड के लिए Ksp = 6.3 × 10-18)।


1 ग्राम कैल्सियम सल्फेट को घोलने के लिए कम से कम कितने आयतन जल की आवश्यकता होगी? (कैल्सियम सल्फेट के लिए Ksp = 9.1 × 10-6)


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×