मराठी

किसी पेंसिल को जब जल से भरे गिलास में डुबोते हैं तो वह वायु तथा जल के अंतरापृष्ठ पर मुड़ी हुई प्रतीत होती है। यदि इस पेंसिल को जल के स्थान पर किरोसि

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

किसी पेंसिल को जब जल से भरे गिलास में डुबोते हैं तो वह वायु तथा जल के अंतरापृष्ठ पर मुड़ी हुई प्रतीत होती है। यदि इस पेंसिल को जल के स्थान पर किरोसिन अथवा तारपीन के तेल में डुबोएं तो क्या यह इनमें भी इतनी ही मुड़ी प्रतीत होगी? अपने उत्तर की व्याख्या आरेख सहित कीजिए।

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

जब पेंसिल को कांच के गिलास में पानी में डुबाया जाता है तो प्रकाश के अपवर्तन के कारण हवा और पानी के अंतरापृष्ठ पर मुड़ी हुई प्रतीत होती है। विभिन्न माध्यमों का अपवर्तनांक भिन्न होता है। मिट्टी के तेल और तारपीन का अपवर्तनांक पानी की तुलना में अधिक होता है, इस कारण मिट्टी के तेल या तारपीन के तेल की तुलना में पेंसिल पानी की तुलना में अधिक मुड़ी हुई दिखाई देगी।

इसलिए पानी की जगह मिट्टी के तेल या तारपीन जैसे तरल पदार्थों का इस्तेमाल करने पर पेंसिल उतनी झुकी हुई नहीं दिखेगी।

shaalaa.com
प्रकाश का परावर्तन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 10: प्रकाश- परावर्तन तथा अपरवर्तन - Exemplar [पृष्ठ ८३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Vigyan Exemplar [Hindi] Class 10
पाठ 10 प्रकाश- परावर्तन तथा अपरवर्तन
Exemplar | Q 22. | पृष्ठ ८३
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×