Advertisements
Advertisements
प्रश्न
किसी अंधेरे कमरे में यदि आप अपने चेहरे के सामने कोई दर्पण रखें तो क्या आप दर्पण में अपना परावर्तन देखेंगे?
Advertisements
उत्तर
किसी अंधेरे कमरे में अपने चेहरे के सामने कोई दर्पण रखकर दर्पण में अपना परावर्तन देखना संभव नहीं है। क्योंकि किसी भी चीज को देखने के लिए प्रकाश की जरूरत होती है। बिना प्रकाश कोई परिवर्तन नहीं होगा।
संबंधित प्रश्न
अवतल दर्पण के मुख्य फोकस की परिभाषा लिखिए।
एक समतल दर्पण के सामने 1m दूर खड़ा एक व्यक्ति अपने प्रतिबिंब से ______ m दूर दिखाई देता है।
यदि किसी समतल दर्पण के सामने खड़े होकर आप अपने दाएँ हाथ से अपने ______ कान को छुए तो दर्पण में ऐसा लगेगा कि आपका दायाँ कान ______ हाथ से छुआ गया है।
चित्र में दर्शाए अनुसार बूझो एक समतल दर्पण के ठीक सामने पार्श्व से कुछ हटकर एक किनारे A पर खड़ा होता है। क्या वह स्वयं को दर्पण में देख सकता है? क्या वह P, Q तथा R पर स्थित वस्तुओं के प्रतिबिंब भी देख सकता है?

चित्र में दर्शाए अनुसार प्रकाश पुंज किसी बॉक्स के छिद्रों A तथा B से आपपित होकर क्रमशः छिद्रों C तथा D से बाहर निकलते हैं। बॉक्स के भीतर निम्नलिखित में से क्या हो सकता है?

निम्नलिखित में से कौन-सा प्रकथन सत्य है?
वाहनों में पीछे के दृश्य को देखने के लिए लगे दर्पण द्वारा आवर्धन :
परावर्तन के नियम लागू होते हैं : ______
किसी पेंसिल को जब जल से भरे गिलास में डुबोते हैं तो वह वायु तथा जल के अंतरापृष्ठ पर मुड़ी हुई प्रतीत होती है। यदि इस पेंसिल को जल के स्थान पर किरोसिन अथवा तारपीन के तेल में डुबोएं तो क्या यह इनमें भी इतनी ही मुड़ी प्रतीत होगी? अपने उत्तर की व्याख्या आरेख सहित कीजिए।
उत्तल लेंस द्वारा प्रतिबिंब बनना दर्शाने के लिए प्रकाश किरण आरेख खींचिए जबकि बिंब स्थित है :
- लेंस के प्रकाशिक केंद्र और फोकस के बीच
- लेंस के फोकस तथा लेंस की फोकस दूरी के दोगुने के बीच
- लेंस की फोकस दूरी के दोगुने पर
- अनंत पर
- लेंस के फोकस पर
