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प्रश्न
किसी अंधेरे कमरे में यदि आप अपने चेहरे के सामने कोई दर्पण रखें तो क्या आप दर्पण में अपना परावर्तन देखेंगे?
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उत्तर
किसी अंधेरे कमरे में अपने चेहरे के सामने कोई दर्पण रखकर दर्पण में अपना परावर्तन देखना संभव नहीं है। क्योंकि किसी भी चीज को देखने के लिए प्रकाश की जरूरत होती है। बिना प्रकाश कोई परिवर्तन नहीं होगा।
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यह दर्शाने के लिए की आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर अभिलंब एक ही तल में होते हैं, एक क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए।
समतल दर्पण द्वारा बनाया गया प्रतिबिंब होता है -
यदि परावर्तित किरण आपतित किरण से 90° का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान कितना होगा?
- A पर स्थित किसी वस्तु के समतल दर्पण में बनने वाले प्रतिबिंब की स्थिति ज्ञात कीजिए।
- क्या स्थिति B से पहेली प्रतिबिंब को देख सकती है?
- क्या स्थिति C से बूझो इस प्रतिबिंब को देख सकता है?
- जब पहेली B से C पर चली जाती है तो A का प्रतिबिंब किस ओर खिसक जाता है?
निम्नलिखित में से किस स्थिति में कोई अवतल दर्पण बिंब से बड़ा वास्तविक प्रतिबिम्ब बना सकता है?
कोई प्रकाश किरण चित्र में दर्शाए अनुसार माध्यम A से माध्यम B में प्रवेश करती है। माध्यम A के सापेक्ष माध्यम B का अपवर्तनांक होगा :

चित्र में दर्शाए अनुसार प्रकाश पुंज किसी बॉक्स के छिद्रों A तथा B से आपपित होकर क्रमशः छिद्रों C तथा D से बाहर निकलते हैं। बॉक्स के भीतर निम्नलिखित में से क्या हो सकता है?

किसी अवतल दर्पण पर आपतित सूर्य की किरणें दर्पण के सामने 15 cm दूरी पर अभिसरित होती हैं। इस दर्पण के सामने किसी बिंब को कहां रखें कि इसका समान साइज का प्रतिबिंब बने?
टॉचों, सर्चलाइटों तथा वाहनों की हैडलाइटों में बल्ब कहाँ लगा होता है?
उत्तल लेंस द्वारा प्रतिबिंब बनना दर्शाने के लिए प्रकाश किरण आरेख खींचिए जबकि बिंब स्थित है :
- लेंस के प्रकाशिक केंद्र और फोकस के बीच
- लेंस के फोकस तथा लेंस की फोकस दूरी के दोगुने के बीच
- लेंस की फोकस दूरी के दोगुने पर
- अनंत पर
- लेंस के फोकस पर
