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प्रश्न
“किशोरों का सही दिशा में मार्गदर्शन करने हेतु समाज के लिए अनेक चुनौतियाँ हैं।” इस कथन का मूल्यांकन कीजिए।
सविस्तर उत्तर
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उत्तर
यह कथन बिल्कुल सत्य है कि किशोर जनसंख्या का सबसे गतिशील लेकिन संवेदनशील हिस्सा होता हैं। उन्हें सही दिशा दिखाना समाज के लिए एक जटिल कार्य है, जिसकी पुष्टि निम्नलिखित चुनौतियों से की जा सकती है:
- साथियों का दबाव और जीवनशैली: किशोर साथियों के दबाव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं, जिससे उचित देखरेख के अभाव में वे नशीले पदार्थों के सेवन (ड्रग्स, शराब या धूम्रपान), कम उम्र में विवाह, या अपराधी व्यवहार जैसी जोखिम भरी गतिविधियों की ओर जा सकते हैं।
- मानसिक स्वास्थ्य और पहचान: प्रभावी परामर्श के बिना, किशोरों को चिंता, कम आत्मसम्मान या पहचान के संकट का अनुभव हो सकता है, जिससे उनके लिए उत्पादक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना कठिन हो जाता है।
- डिजिटल युग और भ्रामक सूचनाएँ: डिजिटल युग में, इंटरनेट तक असीमित पहुंच बच्चों को गलत सूचनाओं या साइबर बुलिंग के संपर्क में ला सकती है, जिससे उनका सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण गुमराह हो सकता है।
- उचित मार्गदर्शन का अभाव: कई समाजों में संरचित व्यावसायिक प्रशिक्षण और जीवन कौशल शिक्षा की कमी है। इनके बिना, शिक्षित युवा भी बेरोजगारी और असंतोष का सामना कर सकते हैं, जो सामाजिक उथल-पुथल का कारण बनता है।
- सामाजिक-आर्थिक बाधाएं: गरीबी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच की कमी प्रमुख बाधाएं बनी हुई हैं, जो किशोरों को अपने कौशल विकसित करने के बजाय बाल श्रम की ओर धकेलती हैं।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2025-2026 (March) 64/2/3
