मराठी

“किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” उदाहरण देकर समझाइए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

“किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” उदाहरण देकर समझाइए।

सविस्तर उत्तर
Advertisements

उत्तर

इस पंक्ति का अर्थ है– किसी कुल (परिवार या वंश) की बड़ाई या प्रसिद्धि तब तक कोई काम नहीं देती, जब तक उस कुल के व्यक्ति में बड़प्पन यानी महानता के गुण न हों। बड़प्पन जन्म या खानदान से नहीं मिलता, बल्कि व्यक्ति के गुणों और कर्मों से आता है। उदाहरण: एक ही पौधे पर फूल और काँटा दोनों उगते हैं, फिर भी फूल अपनी सुंदरता, सुगंध और परोपकारी स्वभाव से पौधे और उसके कुल का नाम ऊँचा करता है, जबकि काँटा उसी कुल में होते हुए भी लोगों को चुभकर दुखी करता है और उसकी बुराई ही कराता है। इसी प्रकार, किसी बड़े विद्यालय का विद्यार्थी यदि मेहनती, ईमानदार और दयालु है, तो लोग उसके विद्यालय को भी सम्मान देते हैं। परंतु यदि वही विद्यार्थी बुरे कर्म करता है, तो विद्यालय का बड़ा नाम भी उसकी रक्षा नहीं कर पाता। इससे स्पष्ट है कि कुल की बड़ाई तभी काम देती है, जब व्यक्ति में बड़प्पन के गुण हों।

shaalaa.com
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: फूल और काँटा - पाठ से [पृष्ठ ३२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
पाठ 3 फूल और काँटा
पाठ से | Q (घ) | पृष्ठ ३२
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×