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किरण प्रकाशिकी, प्रकाश के सीधी रेखा में गति करने की संकल्पना पर आधारित है। यद्यपि विवर्तन प्रभाव (जब प्रकाश का संचरण एक द्वारक/झिरी या वस्तु के चारों ओर प्रेक्षित किया जाए) - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

किरण प्रकाशिकी, प्रकाश के सीधी रेखा में गति करने की संकल्पना पर आधारित है। यद्यपि विवर्तन प्रभाव (जब प्रकाश का संचरण एक द्वारक/झिरी या वस्तु के चारों ओर प्रेक्षित किया जाए) इस संकल्पना को नकारता है तथापि किरण प्रकाशिकी की संकल्पना प्रकाशकीय यन्त्रों में प्रतिबिम्बों की स्थिति तथा उनके दूसरे अनेक गुणों को समझने के लिए सामान्यतः उपयोग में लाई जाती है। इसका क्या औचित्य है?

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

सामान्यतः प्रकाशिक यन्त्रों में प्रयुक्त लेंसों के द्वारकों का साइज प्रकाश की तरंगदैर्ध्य की तुलना में काफी बड़ा होता है; अत: इन यन्त्रों द्वारा बने प्रतिबिम्बों में विवर्तन का प्रभाव नगण्य ही रहता है। यही कारण है कि प्रतिबिम्बों की स्थिति तथा अन्य गुणों को समझने के लिए प्रायः किरण प्रकाशिकी का ही प्रयोग किया जाता है।

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विवर्तन - किरण प्रकाशिकी की वैधता
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पाठ 10: तरंग-प्रकाशिकी - अभ्यास [पृष्ठ ३८७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 10 तरंग-प्रकाशिकी
अभ्यास | Q 10.17 - (e) | पृष्ठ ३८७
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