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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ९ वी

‘खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं’ इसपर अपना मत स्‍पष्‍ट कीजिए।

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प्रश्न

‘खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं’ इसपर अपना मत स्‍पष्‍ट कीजिए।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

खुशी और दुःख जीवन के दो आवश्यक तत्व हैं। खुशी सुख-शांति, आराम और सहजता की पहचान है, जबकि दुःख अशांति, असहजता और बेचैनी को दर्शाता है। दुःख को साझा करने से वह कम होता है और खुशियाँ बाँटने से वे बढ़ती हैं। जब हम खुश होते हैं, तो हम अपनी खुशियां अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ साझा करते हैं, और वे भी हमारी खुशियों में शामिल हो जाते हैं, जिससे हमारी खुशी और भी बढ़ जाती है। चूंकि जीवन संघर्ष से भरा है, हमें अपनी हर एक खुशी को दूसरों के साथ बाँटना चाहिए। जब हम अपनी खुशियों को अन्य लोगों के साथ साझा करते हैं, तो वे उत्सव में बदल जाती हैं। यह कहना उचित है कि खुशियाँ साझा करने से ही बढ़ती हैं।

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कह कविराय
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पाठ 2.01: कह कविराय - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ४०]

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बालभारती Hindi Lokbharati Standard 9 Maharashtra State Board
पाठ 2.01 कह कविराय
पाठ्य प्रश्न | Q (४) | पृष्ठ ४०

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