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कहानी ऐसी रचना है जिसमें जीवन के किसी एक अंग या किसी एक मनोभाव को प्रदर्शित करना ही लेखक का उद्देश्य रहता है। उसके चरित्र, उसकी शैली, उसका कथा-विन्यास सभी उसी एक भाव को पुष्ट करते हैं।

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प्रश्न

कहानी ऐसी रचना है जिसमें जीवन के किसी एक अंग या किसी एक मनोभाव को प्रदर्शित करना ही लेखक का उद्देश्य रहता है। उसके चरित्र, उसकी शैली, उसका कथा-विन्यास सभी उसी एक भाव को पुष्ट करते हैं।

कोई कहानी वास्तविक या काल्पनिक घटनाओं पर आधारित हो सकती है और इसमें वास्तविक या काल्पनिक पात्र भी शामिल हो सकते हैं।

आप कहानी लेखन की इस प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए एक कहानी का शीर्षक चुनिए और दिए गए मुख्य बिंदुओं को पूरा कीजिए-

शीर्षक और लेखक  
विषय  
क्रिया/कार्य  
परिवेश/देश-काल और मुख्य विचार  
चरित्र/पात्र  
परिणाम  
सविस्तर उत्तर
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उत्तर

पाठ ‘दो बैलों की कथा’ के आधार पर मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

बिंदु विवरण
शीर्षक और लेखक ‘दो बैलों की कथा’ - मुंशी प्रेमचंद
विषय पशु-प्रेम, आपसी भाईचारा तथा स्वतंत्रता के लिए निरंतर संघर्ष।
क्रिया/कार्य गया के घर से बैलों का भागना, खेत में मटर खाना, साँड़ से मिलकर मुकाबला करना, काँजीहौस की दीवार तोड़कर अन्य पशुओं को छुड़ाना और अंत में दढ़ियल कसाई को भगाकर अपने पुराने घर लौटना।
परिवेश/देश-काल और मुख्य विचार परिवेश: भारतीय ग्रामीण परिवेश (खेत, खलिहान और गाँव)।
मुख्य विचार: स्वतंत्रता आसानी से नहीं मिलती, इसके लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ता है। परोक्ष रूप से यह स्वतंत्रता आंदोलन की भावना को दर्शाती है।
चरित्र/पात्र

पशु पात्र: हीरा और मोती (दोनों बैल), साँड़।

मानव पात्र: झूरी (मालिक), झूरी की पत्नी, गया (झूरी का साला), छोटी बालिका (भैरो की बेटी), चौकीदार और दढ़ियल कसाई।

परिणाम हीरा और मोती सभी बाधाओं और अत्याचारों को पार करते हुए अंत में अपने घर सुरक्षित पहुँचते हैं, जहाँ झूरी और गाँव के लोग स्नेहपूर्वक उनका स्वागत करते हैं।
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पाठ 1: दो बैलों की कथा - अभ्यास [पृष्ठ १८]

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एनसीईआरटी Hindi Ganga Class 9
पाठ 1 दो बैलों की कथा
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १८
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