Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कवि के अनुसार आज हर दिशा दक्षिण दिशा क्यों हो गई है?
Advertisements
उत्तर
आज जीवन कहीं भी सुरक्षित नहीं है। इसका कारण समाज में बढ़ती हिंसा तथा असंतोष की भावना है। आज का समाज विज्ञान के बढ़ते खतरनाक प्रभावों से भी अछूता नहीं है। आज हर वस्तु के दो पक्ष होते हैं। जहाँ एक तरफ़ विज्ञान ने समाज को प्रगतिशील बनाया है वहीं दूसरी तरफ़ विज्ञान द्वारा बनाई गई अत्याधुनिक हथियार मानव जीवन के लिए खतरनाक है। हिंसा तथा आतंक आज चारों दिशाओं में फैल चुका है। अब मृत्यु की एक दिशा नहीं है बल्कि संसार के हर कोने में मौत मँडरा रही है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
'मानसरोवर' से कवि का क्या आशय है?
'रस्सी' यहाँ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है और वह कैसी है?
‘न खाकर बनेगा अहंकारी’-कवयित्री ने ऐसा क्यों कहा है?
‘कालिंदी कुल कदंब की डारन’ का भाव स्पष्ट करते हुए बताइए कि कवि ने इसका उल्लेख किस संदर्भ में किया
श्रीकृष्ण और उनसे जुड़ी वस्तुओं का सान्निध्य पाने के लिए कवि क्या-क्या त्यागने को तैयार है?
सखी ने गोपी से कृष्ण का कैसा रूप धरण करने का आग्रह किया था? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
या मुरली मुरलीधर की अधरान धरी अधरा न धरौंगी।
कबीर ने ईश्वर-प्राप्ति के लिए किन प्रचलित विश्वासों का खंडन किया है?
हंस किसके प्रतीक हैं? वे मानसरोवर छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते हैं?
‘मोट चून मैदा भया’ के माध्यम से कबीर क्या कहना चाहते हैं?
मनुष्य ईश्वर को क्यों नहीं खोज पाता है?
बच्चों को काम पर जाता देखकर आपके मन में जो विचार आते हैं उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।
कविता में किस मौसम के सौंदर्य का वर्णन है?
निम्न पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
तिनकों के हरे हरे तन पर
हिल हरित रुधिर है रहा झलक
खेतों में खड़ी मटर के सौंदर्य का वर्णन ‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर कीजिए।
कविता में से उन पंक्तियों को ढूँढ़िए जिनमें निम्नलिखित भाव व्यंजित हो रहा है-
और चारों तरफ़ सूखी और उजाड़ ज़मीन है लेकिन वहाँ भी तोते का मधुर स्वर मन को स्पंदित कर रहा है।
‘चंद्रगहना से लौटती बेर’ कविता के उस दृश्य का वर्णन कीजिए जिसे कवि देख रहा है?
कविता में मेघ को 'पाहुन' के रूप में चित्रित किया गया है। हमारे यहाँ अतिथि (दामाद) को विशेष महत्व प्राप्त है, लेकिन आज इस परंपरा में परिवर्तन आया है। आपको इसके क्या कारण नज़र आते हैं, लिखिए।
मेघ आए कविता की भाषा सरल और सहज है - उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
‘मेघ आए’ कविता में अतिथि का जो स्वागत-सत्कार हुआ है, उसमें भारतीय संस्कृति की कितनी झलक मिली है, अपने शब्दों में लिखिए।
