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प्रश्न
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
बादलों से पर्वत के छिप जाने पर कवि की कल्पना, ‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
स्पष्ट करा
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उत्तर
जब बादलों से पर्वत ढक जाता है, तो कवि सुमित्रानंदन पंत कल्पना करते हैं कि पहाड़ मानो बादल रूपी पंख लगाकर आकाश में उड़ गया हो। बिजली की चमक को वे उसके चमकीले पंख मानते हैं और चारों ओर बादलों की गर्जना को धरती पर आकाश टूटने जैसा अनुभव बताते हैं।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
