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प्रश्न
काबुलीवाले को सब्ज़ी बेचने वाली की भाषा अच्छी तरह समझ नहीं आती थी। इसलिए उसे अपनी बात समझाने में बड़ी मुश्किल हुई। चलो, देखते हैं तुम अपनी बात बिना बोले अपने साथी को कैसे समझाते हो? नीचे लिखे वाक्य अलग-अलग पर्चियों मे लिख लो। एक पर्ची उठाओ। अब यह बात तुम्हें अपने साथी को बिना कुछ बोले समझानी है–
- मुझे बहुत सर्दी लग रही है।
- बिल्ली दूध पी रही है, उसे भगाओ।
- मेरे दाँत में दर्द है।
- चलो, बाज़ार चलते हैं।
- अरे, ये तो बहुत कड़वा है।
- चोर उधर गया है, चलो उसे पकड़ें।
- पार्क में चलकर खेलेंगे।
- मुझे डर लग रहा है।
- उफ़ ये बदबू कहाँ से आ रही है।
- अहा! लगता है कहीं हलवा बना है।
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उत्तर
इस प्रश्न का उत्तर विद्यार्थी अपने साथी विद्यार्थी की मदद से स्वयं करें।
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संबंधित प्रश्न
काबुलीवाले ने कहा – अगर ये लाल चीज़ खाने की है, तो मुझे भी दे दो।
सब्ज़ी बेचने वाली ने कहा – हाँ, ये तो सब खाते हैं।ले लो।
इस तरह बेचारा काबुलीवाला मिर्च खा बैठा। तुम्हारे हिसाब से काबुलीवाले को मिर्च देखने के बाद क्या पूछना चाहिए था?
कविता की वे पंक्ति छाँटकर लिखो जिनसे पता चलता है कि
काबुलीवाला कुछ शब्द अलग तरीके से बोलता था।
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कविता की वे पंक्ति छाँटकर लिखो जिनसे पता चलता है कि
काबुलीवाला कंजूस था।
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कविता की वे पंक्ति छाँटकर लिखो जिनसे पता चलता है कि
काबुलीवाले को 25 पैसे की मिर्च चाहिए थी।
चवन्नी मतलब चार आना।
चार आना मतलब 25 पैसे।
तो एक रुपए में कितने पैसे?
अब बताओ –
अठन्नी मतलब ______ आने।
अब बताओ –
इकन्नी मतलब ______ आना।
अब बताओ –
दुअन्नी मतलब ______ आने।
तुम बाज़ार गए। दुकानों में बहुत-सी चीज़ें रखी हैं। तुम्हें दूर से ही अपनी मनपसंद की चीज़ का दाम पता करना है, पर तुम्हें उस चीज़ का नाम नहीं पता। अब दुकानदार से दाम कैसे पूछोगे?

काबुलीवाले ने मिर्च को स्वादिष्ट फल क्यों समझ लिया?
अगले दिन सब्ज़ी वाली टमाटर बेच रही थी। क्या काबुलीवाले ने टमाटर खाया होगा?
कुंजड़िन से बोला बेचारा ज्यों-त्यों कुछ समझाकर
इस पंक्ति को ऐसे भी लिख सकते हैं –
बेचारा ज्यों-त्यों कुछ समझाकर कुंजड़िन से बोला।
अब इसी तरह इस पंक्ति को फिर से लिखो –
हमको दो तोल छीमियाँ फ़कत चार आने की।
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कुंजड़िन से बोला बेचारा ज्यों-त्यों कुछ समझाकर
इस पंक्ति को ऐसे भी लिख सकते हैं –
बेचारा ज्यों-त्यों कुछ समझाकर कुंजड़िन से बोला।
अब इसी तरह इस पंक्ति को फिर से लिखो –
जा तू अपनी राह सिपाही, मैं खाता हूँ पैसा।
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कुंजड़िन से बोला बेचारा ज्यों-त्यों कुछ समझाकर
इस पंक्ति को ऐसे भी लिख सकते हैं –
बेचारा ज्यों-त्यों कुछ समझाकर कुंजड़िन से बोला।
अब इसी तरह इस पंक्ति को फिर से लिखो –
एक काबुलीवाले की कहते हैं लोग कहानी।
अपने मन से बनाकर एक कविता यहाँ लिखो।
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