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“जो बनि आवै सहज में ताही में चित देइ” पंक्ति का क्या अर्थ है?

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प्रश्न

“जो बनि आवै सहज में ताही में चित देइ” पंक्ति का क्या अर्थ है?

पर्याय

  • हमें कठिनाइयों और चुनौतियों से बचना चाहिए।

  • हमें आराम की तलाश करने में मन लगाना चाहिए।

  • हमें असंभव और कठिन कार्यों पर ध्यान देना चाहिए।

  • हमें सहज जीवन पर ध्यान देना चाहिए।

MCQ
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उत्तर

हमें सहज जीवन पर ध्यान देना चाहिए।

स्पष्टीकरण:

“जो बनि आवै सहज में ताही में चित देइ” का अर्थ है; जो काम सहजता से, आसानी और स्वाभाविक रूप से बन जाता है (संभव होता है), उसी पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा करने से “दुर्जन हँसै न कोइ चित्त में खता न पावै॥” अर्थात् कोई भी हँसी नहीं उड़ा पाता और मन में कोई खट (ग्लानि) नहीं रहती। इसलिए इस पंक्ति का सही अर्थ है; “हमें सहज जीवन पर ध्यान देना चाहिए।”

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पाठ 6: गिरिधर कविराय की कुंडलिया - पाठ से [पृष्ठ ७५]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
पाठ 6 गिरिधर कविराय की कुंडलिया
पाठ से | Q (क) (4) | पृष्ठ ७५
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