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प्रश्न
जल, एथेनॉल और फ़ीनॉल को अम्ल प्रबलता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए और अपने उत्तर का कारण लिखिए।
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उत्तर
अम्लता का बढ़ता हुआ क्रम है - एथेनॉल < जल < फ़ीनॉल। फ़ीनॉल में से प्रोटॉन के निकलने से प्राप्त हुआ फ़ीनॉक्साइड आयन अनुनाद द्वारा स्थायित्व प्राप्त कर लेता है जबकि एथेनॉल में से प्रोटॉन के निकलने से प्राप्त एथॉक्साइड आयन, —C2H5 समूह के ‘+I’ प्रभाव के कारण अस्थायी होता है। इसलिए फ़ीनॉल एथेनॉल से प्रबल अम्ल होती है। दूसरी ओर, एथेनॉल जल से दुर्बल अम्ल होती है क्योंकि इलेक्ट्रॉन विमोचक —C2H5 समूह ऑक्सीजन पर इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ा देता है अत: एथेनॉल के O—H आबंध की ध्रुवता कम होती है। जिसके कारण अम्ल प्रबलता कम हो जाती है अत: अम्ल प्रबलता उपरोक्त क्रम में बढ़ती है।
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| (a) | (b) | (c) |
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| (iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन | (d) काष्ठ स्पिरिट |
| (v) राइमर-टीमन अभिक्रिया | (e) 573 K पर तप्त कॉपर |
| (vi) किण्वन | (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया |



