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प्रश्न
जापान के युवक ने स्वामी रामतीर्थ को दिए गए फलों के मूल्य के रूप में क्या माँगा? आपके मन में उस युवक के व्यक्तित्व की कौन-सी छवि उभरती है, यह भी लिखिए।
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उत्तर
जापान के उस युवक ने स्वामी रामतीर्थ से फलों के बदले कोई धनराशि नहीं ली। उसने केवल इतना अनुरोध किया कि वे अपने देश लौटकर यह न कहें कि जापान में अच्छे फल उपलब्ध नहीं होते। उसका उद्देश्य व्यक्तिगत लाभ कमाना नहीं, बल्कि अपने देश की प्रतिष्ठा और सम्मान को बनाए रखना था।
उस युवक के व्यक्तित्व में एक सच्चे देशभक्त, सजग और निःस्वार्थ नागरिक की झलक दिखाई देती है। वह अपने देश की छवि के प्रति अत्यंत संवेदनशील था और छोटी-सी बात को भी राष्ट्र के सम्मान से जोड़कर देखता था। उसमें विनम्रता, उत्तरदायित्व और आत्मसम्मान की भावनाएँ स्पष्ट थीं। उसका व्यवहार दर्शाता है कि वह केवल अपने हितों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव के लिए सोचने वाला एक आदर्श नागरिक था।
