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प्रश्न
जानकारी दीजिए :
संत दादू के साहित्यिक जीवन का मुख्य लक्ष
टीपा लिहा
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उत्तर
संत दादू दयाल निर्गुण भक्ति शाखा की ज्ञानाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि थे। दादू दयाल निर्गुण और निराकार प्रभु के उपासक थे और उन्होंने निराकार ईश्वर की उपासना पर जोर दिया। उन्होंने जाति-पाँति, धार्मिक भेदभाव, सामाजिक कुरीतियों तथा अंधविश्वास संबंधी मिथ्याचारों का विरोध किया। इनकी भाषा सीधी-सादी तथा अनेक बोलियों के मेलवाली है। इसे सधुक्कड़ी भाषा के नाम से जाना जाता है। आपके साहित्यिक जीवन का मुख्य लक्ष्य सामाजिक कुरीतियों और आडंबरो का खंडन करना और निर्गुण, निराकार ईश्वर की उपासना करना है।
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पद्य (Poetry) (11th Standard)
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
