मराठी

इसकी चर्चा शहर में भी फैल गई और शाम तक गली-गली से शायर जमा होने शुरू हो गए - यह एक संयुक्त वाक्य है, जिसमें दो स्वतंत्र वाक्यों को समानाधिकरण समुच्चयबोधक शब्द और से जोड़ा गया है।

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प्रश्न

इसकी चर्चा शहर में भी फैल गई और शाम तक गली-गली से शायर जमा होने शुरू हो गए - यह एक संयुक्त वाक्य है, जिसमें दो स्वतंत्र वाक्यों को समानाधिकरण समुच्चयबोधक शब्द और से जोड़ा गया है। संयुक्त वाक्य को इस प्रकार सरल वाक्य में बदला जा सकता है - इसकी चर्चा शहर में फैलते ही शाम तक गली-गली से शायर जमा होने शुरू हो गए। पाठ में से पाँच संयुक्त वाक्यों को चुनिए और उन्हें सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

  1. हम लोग व्यापार-विभाग से संबंधित हैं और यह पेड़ की समस्या कृषि विभाग के अधीन है। पेड़ की समस्या कृषि विभाग के अधीन है, व्यापार-विभाग के नहीं।
  2. कल यह पेड़ काट दिया जाएगा, और तुम इस संकट से छुटकारा हासिल कर लोगे - कल इस पेड़ के कटते ही तुम इस संकट से छुटकारा हासिल कर लोगे। 

  3. माली ने अचंभे से मुँह में उँगली दबा ली और चकित भाव से बोला, ‘क्या तुम शायर हो। माली अचंभित होकर मुँह में उँगली दबाते हुए बोला, ‘क्या तुम शायर हो ?’
  4. उसकी साँस बड़ी मुश्किल से चल रही थी और आँखों से मालूम होता था कि वह घोर पीड़ा में है। घोर पीड़ा से भरी आँखों के साथ उसकी साँसें भी ठीक से नहीं चल रही थीं।
  5. उसके लिए हमने फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को लिखा है और अजेंट लिखा है। उसके लिए हमने फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को अर्जेंट लिखा है।
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जामुन का पेड़
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.08: जामुन का पेड़ - अभ्यास [पृष्ठ १११]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Aaroh bhag 1 Class 11
पाठ 1.08 जामुन का पेड़
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ १११

संबंधित प्रश्‍न

बेचारा जामुन का पेड़। कितना फलदार था।

और इसकी जामुनें कितनी रसीली होती थीं।

(क) ये संवाद कहानी के किस प्रसंग में आए हैं?

(ख) इससे लोगों की कैसी मानसिकता का पता चलता है?


दबा हुआ आदमी एक कवि है, यह बात कैसे पता चली और इसे जानकारी का फाइल की यात्रा पर क्या असर पड़ा?


कृषि-विभाग वालों ने मामले को हॉर्टीकल्चर विभाग को सौंपने के पीछे क्या तर्क दिया?


इस पाठ में सरकार के किन-किन विभागों की चर्चा की गई है और पाठ से उनके कार्य के बारे में क्या अंदाजा मिलता है?


कहानी में दो प्रसंग ऐसे हैं, जहाँ लोग पेड़ के नीचे दबे आदमी को निकालने के लिए कटिबद्ध होते हैं। ऐसा कब-कब होता और लोगों का यह संकल्प दोनों बार किस-किस वजह से भंग होता है।


यह कहना कहाँ तक युक्तिसंगत है कि इस कहानी में हास्य के साथ-साथ करुणा की भी अंतर्धारा है। अपने उत्तर के पक्ष में तर्क दें।


यदि आप माली की जगह पर होते, तो हुकूमत के फैसले का इंतज़ार करते या नहीं? अगर हाँ, तो क्यों? और नहीं, तो क्यों?


कहानी के वैकल्पिक शीर्षक सुझाएँ। निम्नलिखित बिंदुओं को ध्यान में रखकर शीर्षक गढ़े जा सकते हैं –

  • कहानी में बार-बार फ़ाइल का जिक्र आया है और अंत में दबे हुए आदमी के जीवन की फ़ाइल पूर्ण होने की बात कही गई है।
  • सरकारी दफ्तरों की लंबी और विवेकहीन कार्य-प्रणाली की ओर बार-बार इशारा किया गया है।
  • कहानी का मुख्य पात्र उस विवेकहीनता का शिकार हो जाता है।

नीचे दिए गए अंग्रेजी शब्दों के हिंदी प्रयोग लिखिए –

अर्जेंट, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, मेंबर, डिप्टी सेक्रेटरी, चीफ़ सेक्रेटरी, मिनिस्टर, अंडर सेक्रेटरी, हार्टीकल्चर डिपार्टमेंट, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट।


साक्षात्कार अपने-आप में एक विधा है। जामुन के पेड़ के नीचे दबे आदमी के फ़ाइल बंद होने (मृत्यु) के लिए ज़िम्मेदार किसी एक व्यक्ति का काल्पनिक साक्षात्कार करें और लिखें।


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