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इस आत्मकथ्य में मुहावरों का प्रयोग करके लेखिका ने रचना को रोचक बनाया है। रेखांकित मुहावरे को ध्यान में रखकर कुछ और वाक्य बनाएँ - पत्र पढ़ते ही पिता जी आग-बबूला।

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प्रश्न

इस आत्मकथ्य में मुहावरों का प्रयोग करके लेखिका ने रचना को रोचक बनाया है। रेखांकित मुहावरे को ध्यान में रखकर कुछ और वाक्य बनाएँ -

पत्र पढ़ते ही पिता जी आग-बबूला

लघु उत्तर
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उत्तर

  • बेटे के फेल होने की खबर सुनकर रमेश जी आग-बबूला हो गए
  • काँच के कीमती वास टूटने पर मालकिन नौकरानी पर आग-बबूला हो उठीं
  • सच सामने आने पर जब झूठ पकड़ा गया, तो वह शर्मिंदा होने के बजाय आग-बबूला होने लगा
  • बिना किसी गलती के डाँट पड़ने पर शांत स्वभाव का राहुल भी आग-बबूला हो गया
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मुहावरे और कहावतें
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 14: मन्नू भंडारी - एक कहानी यह भी - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ७७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
पाठ 14 मन्नू भंडारी - एक कहानी यह भी
प्रश्न-अभ्यास | Q 10. (घ) | पृष्ठ ७७
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