मराठी

"इनकी शोभा निरख-निरख कर, इन पर कविता एक बनाऊँ।" कवि ओस की सुंदरता पर एक कविता बनाना चाहता है। यदि तुम कवि के स्थान पर होते, तो कौन-सी कविता बनाते? अपने मनपसंद विषय पर कोई कविता बनाओ। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

"इनकी शोभा निरख-निरख कर,
इन पर कविता एक बनाऊँ।"

कवि ओस की सुंदरता पर एक कविता बनाना चाहता है। यदि तुम कवि के स्थान पर होते, तो कौन-सी कविता बनाते? अपने मनपसंद विषय पर कोई कविता बनाओ।

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

तितली रानी
तितली रानी, तितली रानी 
दूर देश से आई हो। 
इतने सुंदर, रंग-बिरंगे 
पंख कहाँ से लाई हो।
फूल तुम्हें हैं अच्छे लगते।
आसमान में उड़ना है भाता।
जैसे तुम कोई शहज़ादी हो 
जो परीलोक से आई हो।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 8)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: ओस - अभ्यास [पृष्ठ २५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Durva Part 3 Class 8
पाठ 4 ओस
अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ २५

संबंधित प्रश्‍न

“मेले से लाया हूँ इसको

छोटी-सी प्यारी गुड़िया”

यदि तुम मेले में जाओगे तो क्या खरीदकर लाना चाहोगे और क्यों?


तुम कविता में सभी को कुछ न कुछ करते हुए पाते हो। उसमें से तुम्हें किसका काम सबसे ज़्यादा पसंद है और क्यों?


तुम अपने घर को साफ़ रखने के लिए क्या-क्या करते हो? उन कामों की सूची बनाओ और उसके सामने यह भी लिखो कि तुम वह काम कब-कब करते हो?


पता करो कि सुबह के समय खुले स्थानों पर ओस की बूँदें कैसे बन जाती हैं? इसे अपने शिक्षक को बताओ।


तुम्हारे प्रदेश में कौन-कौन से मौसम आते हैं? उसकी सूची बनाओ।


नीचे लिखी चीज़ों जैसी कुछ और चीज़ों के नाम सोचकर लिखो–

(क)

जुगनू जैसे चमकीले _____________

(ख)

तारों जैसे झिलमिल ____________
(ग) हीरों जैसे दमकते ______________

(घ)

फूलों जैसे सुंदर

_______________

कवि ने किसान की तुलना चातक पक्षी से क्यों की है?


अपनी मातृभाषा में 'किसान' पर लिखी गई कविता को अपने मित्रों व शिक्षक को सुनाओ।


वसंत ऋतु में आने वाले त्योहारों के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए और किसी एक त्योहार पर निबंध लिखिए।


संतुष्टि के लिए कवि ने ‘छककर’, ‘जी भरकर’ और ‘खुलकर’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। इसी भाव को व्यक्त करने वाले कुछ और शब्द सोचकर लिखिए, जैसे-हँसकर, गाकर।


पक्षी और बादल की चिट्ठियों में पेड़-पौधें, पानी और पहाड़ क्या पढ़ पाते हैं ?


अंतरिक्ष के पार की दुनिया से क्या सचमुच कोई बस आती है जिससे खतरों के बाद भी बचे हुए लोगों की खबर मिलती है? आपकी राय में यह झूठ है या सच? यदि झूठ है तो कविता में ऐसा क्यों लिखा गया? अनुमान लगाइए यदि सच लगता है तो किसी अंतरिक्ष संबंधी विज्ञान कथा के आधार पर कल्पना कीजिए वह बस कैसी होगी, वे बचे हुए लोग खतरों से क्यों घिर गए होंगे? इस संदर्भ को लेकर कोई कथा बना सकें तो बनाइए।


द्रुपद और द्रोणाचार्य भी सहपाठी थे, इनकी मित्रता और शत्रुता की कथा महाभारत से खोजकर सुदामा के कथानक से तुलना कीजिए।


''पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सो पग धोए''

ऊपर लिखी गई पंक्ति को ध्यान से पढ़िए। इसमें बात को बहुत अधिक बढ़ा-चढ़ाकर चित्रित किया गया है। जब किसी बात को इतना बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता है तो वहाँ पर अतिशयोक्ति अलंकार होता है। आप भी कविता में से एक अतिशयोक्ति अलंकार का उदाहरण छाँटिए।


कविता के उचित सस्वर वाचन का अभ्यास कीजिए।


‘मित्रता संबंधी दोहों का संकलन कीजिए।


नीचे लिखी पंक्ति पढ़ो। आपस में चर्चा करके इसके नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -

"तेरे हरे-भरे सावन के साथी ये आए हैं"

क्या बादल हरे-भरे सावन के साथी हैं अथवा किसान के? या दोनों के।


तुम चाहो तो 'पहला दिन' शीर्षक पर कुछ पंक्तियों की कोई कविता भी लिखकर दिखा सकते हो।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×