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इन अभिक्रिया को देखिए - 6COX2(g)+6HX2O(l)⟶CX6HX12OX6(aq)+6OX2(g) बताइए कि इन्हें निम्नलिखित ढंग से लिखना ज्यादा उचित क्यों है? 6COX2(g)+12HX2O(l)⟶CX6HX12OX6(aq)+6HX2O(l)+6OX2(g)

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प्रश्न

इन अभिक्रिया को देखिए -

\[\ce{6CO2(g) + 6H2O(l) -> C6H12O6(aq) + 6O2(g)}\]

बताइए कि इन्हें निम्नलिखित ढंग से लिखना ज्यादा उचित क्यों है?

\[\ce{6CO2(g) + 12H2O(l) -> C6H12O6(aq) + 6H2O(l) + 6O2(g)}\]

उपर्युक्त अपचयोपचय अभिक्रिया के अन्वेषण की विधि सुझाइए।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

यह प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) की अभिक्रिया है जो कि एक बहुत ही जटिल प्रक्रिया है और अनेक चरणों में संपन्न होती है। इस अभिक्रिया में, 12H2O अणु क्लोरोफिल (chlorophyll) की उपस्थिति में पहले अपघटित होकर H2 तथा O2 देते हैं। इस प्रकार निर्मित H2CO2 को अपचयित कर C6H12O6 का निर्माण करती है। अतः अभिक्रिया को एक सरल रूप में अभिक्रिया निम्न प्रकार दिखाया जा सकता है|

                  \[\ce{12H2O(l) -> 12H2(g) + 6O2(g)}\] .....(i)

  \[\underline{\ce{6CO2(g) + 12H2(l) -> C6H12O6(s) + 6H2O(l)}}\] .....(ii)

  \[\ce{6CO2(g) + 12H2O(l) -> C6H12O6(s) + 6H2O(l) + 6O2(g)}\] .....(iii)

इसलिए इस अभिक्रिया को समीकरण (iii) की भाँति लिखना ज्यादा उचित है। इस निरूपण में 12H2O अणु भाग लेते हैं तथा 6H2O अणु उत्पन्न होते हैं।

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अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
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