Advertisements
Advertisements
प्रश्न
हथकड़ियों को गहना क्यों कहा गया है?
Advertisements
उत्तर
कवि ने हथकड़ियों की तुलना गहनों से व्यंग्य के रूप में की है। सामान्य परिस्थितियों में गहने सौंदर्य और सम्मान का प्रतीक होते हैं, लेकिन यहाँ कवि के लिए हथकड़ी गहने की तरह बन गई है क्योंकि यह उसे ब्रिटिश सरकार ने पहनाई है। यह केवल लोहे की बेड़ियाँ नहीं हैं, बल्कि अंग्रेज़ों द्वारा दी गई पराधीनता का प्रतीक हैं। कवि यह दर्शाना चाहता है कि स्वतंत्रता सेनानी के लिए यह हथकड़ियाँ उसकी बेबसी और कैद का द्योतक हैं। जहाँ गहना सजावट और शोभा बढ़ाता है, वहीं यह हथकड़ी अंग्रेज़ी हुकूमत के अत्याचार और दमन की पहचान है। इस प्रकार कवि ने हथकड़ियों को गहना कहकर ब्रिटिश शासन की क्रूरता और पराधीनता की ओर गहरा संकेत किया है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
'मानसरोवर' से कवि का क्या आशय है?
अंतिम दो दोहों के माध्यम से कबीर ने किस तरह की संकीर्णताओं की ओर संकेत किया है?
किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके कुल से होती है या उसके कर्मों से? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
कवयित्री का 'घर जाने की चाह' से क्या तात्पर्य है?
बंद द्वार की साँकल खोलने के लिए ललद्यद ने क्या उपाय सुझाया है?
‘जेब टटोली कौड़ी न पाई’ के माध्यम से कवयित्री ने क्या कहना चाहा है? इससे मनुष्य को क्या शिक्षा मिलती है?
गोपी किस तरह के वस्त्र धारण करना चाहती है और क्यों?
ब्रजभूमि के प्रति कवि का प्रेम किन-किन रूपों में अभिव्यक्त हुआ है?
'कालिंदी कूल कदंब की डारन' में कौन-सा अलंकार है?
ब्रिटिश राज का गहना किसे कहा गया है और क्यों? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
‘तिस पर है गाली, ऐ आली!’ पंक्ति के आधार पर जेल के कर्मचारियों के व्यवहार का वर्णन कीजिए।
‘कैदी और कोकिला’ कविता के आधार पर कोयल और कवि की स्थिति में अंतर स्पष्ट कीजिए।
भाव स्पष्ट कीजिए -
हिति चित्त की द्वै थूँनी गिराँनी, मोह बलिंडा तूटा।
हंस किसके प्रतीक हैं? वे मानसरोवर छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते हैं?
लता ने बादल रूपी मेहमान को किस तरह देखा और क्यों?
कविता में मेघ रूपी मेहमान के आने पर कौन क्या कर रहे हैं?
‘मेघ आए’ कविता में अतिथि का जो स्वागत-सत्कार हुआ है, उसमें भारतीय संस्कृति की कितनी झलक मिली है, अपने शब्दों में लिखिए।
भाव स्पष्ट कीजिए -
सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल हैं
और वे सभी में एक साथ
अपनी दहकती आँखों सहित विराजते हैं
कभी-कभी उचित-अनुचित के निर्णय के पीछे ईश्वर का भय दिखाना आवश्यक हो जाता है, इसके क्या कारण हो सकते हैं?
माँ द्वारा कवि को जो सीख दी गई, उसे उसने अक्षरशः क्यों मान लिया होगा? अपने शब्दों में लिखिए।
