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हमारे साहित्य, कला, संगीत और नृत्य को समृद्ध करने में काशी (आज के वाराणसी) के योगदान पर चर्चा कीजिए।

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प्रश्न

हमारे साहित्य, कला, संगीत और नृत्य को समृद्ध करने में काशी (आज के वाराणसी) के योगदान पर चर्चा कीजिए।

सविस्तर उत्तर
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उत्तर

काशी ने हमारे साहित्य, कला, संगीत और नृत्य को समृद्ध बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। काशी के बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय का साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान रहा है। इस विश्वविद्यालय की ख्याति पूरे विश्व में फैली हुई है। इसे बी.एच.यू. के नाम से भी जाना जाता है। बिस्मिल्ला खाँ जैसे महान शहनाई वादक का संबंध भी काशी से ही रहा है। उनके जैसा शहनाई कलाकार विश्व में अद्वितीय माना जाता है। कला और संगीत के विकास में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। विश्वनाथ तथा बालाजी के मंदिर भी अत्यंत प्रसिद्ध हैं। काशी धार्मिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टियों से विशेष महत्त्व रखती है। बनारस की बनारसी साड़ी का भी कोई मुकाबला नहीं है। अपने विभिन्न रंगों और उत्कृष्ट कढ़ाई-कला के कारण ये साड़ियाँ विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।

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पाठ 16: यतींद्र मिश्र - नौबतखाने में इबादत - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ८८]

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10
पाठ 16 यतींद्र मिश्र - नौबतखाने में इबादत
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ ८८
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