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प्रश्न
हमारे द्वारा उत्पादित अजैव निम्नीकरणीय कचरे से कौन-सी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं?
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उत्तर १
हमारे द्वारा उत्पादित अजैव निम्नीकरणीय कचरे से निम्नलिखित समस्याएँ उत्पन्न होती हैं:
- अजैव निम्नीकरणीय कचरे से पर्यावरण प्रदूषित होते हैं। इसको विघटित नहीं किया जा सकता है। अतः इसे समाप्त करने में भी समस्या उत्पन्न होती है।
- यह जैविक आवर्धन को बढ़ाता है। जैविक आवर्धन से तात्पर्य हानिकारक रसायनों जैसे: डी.डी.टी का खाद्य श्रृंखला में प्रवेश करना और पोषीय स्तर के साथ बढ़ते जाना है।
- पारितंत्र को नुकसान होता है।
- जो हानिकारक रसायन भूजल से बचता है वो भीतर जाकर मिट्टी की बांझपन और पीएच में गड़बड़ी का कारण बनता है।
उत्तर २
अजैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट जीवाणु और अन्य सूक्ष्मजीवों की कार्यवाही के तहत विघटित नहीं होते हैं। इनका मात्रा लगातार बढ़ती रहती है, जिससे इनके सुरक्षित निपटान की समस्या उत्पन्न होती है। कुछ अजैव कचरे, जैसे भारी धातुएं और कीटनाशक, भोजन श्रृंखला में प्रवेश कर ऊपरी पोषी स्तरों में बढ़ जाते हैं। ये कचरे प्राकृतिक pH संतुलन को बदलकर मिट्टी की उर्वरता को कम कर देते हैं। पॉलिथीन, प्लास्टिक आदि जब मिट्टी के नीचे दब जाते हैं, तो वह क्षेत्र बंजर हो जाता है और मृदा प्रदूषण होता है। ये अपशिष्ट ऑक्सीजन की उपस्थिति में पूरी तरह से नहीं जमते और जहरीली गैसें छोड़ते हैं जो वायु प्रदूषण का कारण बनती हैं। DDT जैसे जैव आवर्धन के कारण खाद्य श्रृंखला में जमा होने पर पदार्थ हानिकारक हो सकते हैं।
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