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हिमालय क्षेत्र तथा प्रायद्वीप पठार के उच्चावच लक्षणों में क्या अंतर है?

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प्रश्न

हिमालय क्षेत्र तथा प्रायद्वीप पठार के उच्चावच लक्षणों में क्या अंतर है?

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उत्तर

हिमालयी क्षेत्र तथा प्रायद्वीपीय पठार के उच्चावच लक्षणों में अंतर नीचे दिया गया है।

  हिमालयी क्षेत्र प्रायद्वीपीय पठार
1 विश्व के सर्वाधिक ॐचे पर्वतों एंव गहरी घटियों से मिलकर बना है। चौड़ी एंव छिछली घाटियों तथा गोलाकार पहाड़ियों से मिलकर बना हैं।
2 इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट व यूरेशियन प्लेट में टक्कर के कारण बना। गोंडवाना भूमि के टूटने व खिसकने के कारण बना।
3 तलछटी चट्टानों से बना है। आग्नेय एंव कायांतरित चट्टानों से बन है।
4 भूवैज्ञानिक दृष्टि से यह अस्थिर क्षेत्र में आता हैं। भूवैज्ञानिक दृष्टि से यह स्थिर क्षेत्र में आता हैं।
5 ये विश्व के सर्वाधिक ॐचे पर्वत हैं। मध्य उच्चभूमि नीची पहाड़ियों से बना है और इनमें कोई भी चोटी विश्वविख्यात ॐचाई की नहीं हैं।
6 हिमालय से बहुत सी प्रसिद्ध नदियाँ निकलती है जैसे सिंधु, गंगा व ब्रम्हपुत्र। नर्मदा व ताप्ती जैसे कुछ ही नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार से निकलती हैं
7 ये सिंधु व गंगा के मैदान के सिरे पर बने हुए हैं। ये दक्कन के सिरे पर बने हुए हैं।
8 शिमला, मसूरी, दार्जिलिंग, नैनीताल आदि पहाड़ी स्थल हिमालय में पाए जाते हैं। यहाँ कोई विख्यात पहाड़ी स्थल नहीं पाया जाता।
9 इनकी औसत ॐचाई 6000 मी हैं। इस पठार की औसत ॐचाई  600-900 है।
10 ये नवीन वलित पर्वत हैं। ये प्राचीनकाल से ही अपरदन के चरण में हैं।
11 ये बहुत से महाखड्ड एंव यू आकार की घाटियों से बने हैं। पठार को कई नदियों द्वारा बुरी तरह काट दिया गया हैं।
12 इनमें बहुत कम खनिज पाए जाते हैं। ये खनिजों का भंडार हैं।
13 सभी बारहमासी नदियों का उद्गम हिमालय से ही होता हैं। इन पठारों से निकलनेवाली नदियाँ बरसाती हैं।
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पाठ 2: भारत का भौतिक स्वरूप - अभ्यास [पृष्ठ १४]

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एनसीईआरटी Samajik Vigyaan Samkaalin Bharat - 1 [Hindi] Class 9
पाठ 2 भारत का भौतिक स्वरूप
अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ १४
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