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प्रश्न
हामिद खाँ ने अपने व्यवहार से भारतीय संस्कृति की किस विशेषता की यादें ताज़ी कर दीं, और कैसे?
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उत्तर
लेखक तक्षशिला (पाकिस्तान) के पौराणिक खंडहर देखने गया था। वहाँ वह धूप में भूख-प्यास से बेहाल होकर होटल की तलाश कर रहा था कि उसे हामिद खाँ की दुकान पर जाना पड़ा। यहाँ हामिद खाँ ने जाना कि लेखक भारत से आया है। और वह हिंदू है तो उसने लेखक से खाने का पैसा नहीं लिया और कहा, “भाई जान, माफ़ करना। पैसे नहीं लूंगा। आप मेरे मेहमान हैं।” हामिद ने अपने व्यवहार से भारतीय संस्कृति की विशेषता ‘अतिथि देवो भव’ की यादें ताज़ी कर दी। उसने लेखक को अपना मेहमान मानकर आदरपूर्वक भोजन कराया और अपने व्यवहार की छाप लेखक के हृदय पर छोड़ दी।
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