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प्रश्न
लगभग 60-70 शब्दों में उत्तर लिखिए:
घर वालों के मना करने पर भी टोपी का लगाव इफ़्फ़न के घर और उसकी दादी से क्यों था? दोनों के अनजान, अटूट रिश्ते के बारे में मानवीय मूल्यों की दृष्टि से अपने विचार लिखिए।
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उत्तर
इफ़्फ़न के घर और उसकी दादी के साथ, घरवालों के मना करने पर भी टोपी का बहुत अधिक लगाव था। टोपी अपने घर में उपेक्षा और अकेलेपन का शिकार थी। टोपी और इफ़्फ़न अलग-अलग धर्म, जाति और संप्रदाय के लोग थे, लेकिन मानवीय मूल्यों ने दोनों को एकजुट किया था। टोपी को इफ़्फन के घर और उसकी दादी के प्यार में अपनापन मिला। उन्हें दादी की भाषा, माँ की भाषा की तरह लगती थी। दादी ने टोपी के मन को पहचाना, और टोपी ने निश्चल भाव से दादी का प्यार स्वीकार किया। इस प्रकार दोनों में एक अटूट प्रेम और पाक-साफ ममत्व का रिश्ता बन गया। टोपी अपने अकेलेपन को भूलकर इफ़्फ़न की दादी के स्नेहमयी आँचल में अपनत्व पाता था, और दादी भी टोपी के बालमन के छल-कपट से रहित स्नेह में अपनत्व महसूस करती थी।
