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प्रश्न
गवरइया के स्वभाव से यह प्रमाणित होता है कि कार्य की सफलता के लिए उत्साह आवश्यक है। सफलता के लिए उत्साह की आवश्यकता क्यों पड़ती है, तर्क सहित लिखिए।
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उत्तर
यह सत्य है कि कार्य की सफलता हेतु उत्साह की आवश्यकता होती है। उत्साह ही काम करने के लिए व्यक्ति को प्रेरित करता है तथा मार्ग में आने वाली बाधाओं से लड़ने की प्रेरणा देता है। उत्साह के अभाव में काम नीरस प्रतीत होता है तथा काम की सफलता संदिग्ध होती है। गवरइया भी फाहा मिलने के बाद उत्साह से भर उठी। वह धुनिए, कोरी तथा बुनकर के काम से उत्साहित हो उठी और दर्जी से अपनी टोपी बनवाने में कामयाब रही।
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वचन बदलो।
उगी हुई फसल को जलाया जाने लगा।
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भाववाचक संज्ञा से विशेषण बनाओ।
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घमंड |
घमंडी |
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हिम्मत |
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साहस |
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स्वार्थ |
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अत्याचार |
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विद्रोह |
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इस भेंटवार्ता की शुरुआत में ही मारिया ने क्षमायाचना क्यों की?
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(क) |
हॉकी |
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(ख) |
क्रिकेट |
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(ग) |
लॉन टेनिस |
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(घ) |
तैराकी |
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(ङ) |
तीरंदाज़ी |
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(च) |
कबड्डी |
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क्रम सं. |
खाने की चीज़ों |
पोषक तत्व |
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(क) |
पालक |
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(ख) |
गाजर |
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(ग) |
दूध |
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(घ) |
संतरा |
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(ङ) |
दालें |
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