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गवरइया और गवरा के बीच किस बात पर बहस हुई और गवरइया को अपनी इच्छा पूरी करने का अवसर कैसे मिला?

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प्रश्न

गवरइया और गवरे की बहस के तर्को को एकत्र करें और उन्हें संवाद के रूप में लिखें।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

गवरइया और गवरे की बहस निम्नलिखित चार तर्कों पर हुई –

  1. आदमियों द्वारा कपड़े पहनने पर।
  2. गवरइया द्वारा टोपी पहनने पर।
  3. रुई का फाहा मिलने पर।
  4. गवरइया द्वारा टोपी पहनने के बाद।

इनके बीच हुई बहस को संवाद के रूप में इस प्रकार लिखा जा सकता है

  1. आदमियों द्वारा कपड़े पहनने पर
    गवरइया – देखते हो, आदमी रंग बिंरगे कपड़े पहनकर कितना सुंदर दिखाई देता है।
    गवरा – पागल हो रही है क्या? आदमी कपड़े पहनकर बदसूरत दिखता है।
    गवरइया – लगता है आज लटजीरा चुग आए हो क्या? आदमी पर कपड़ा कितना फबता है?
    गवरा – खाक फबता है। कपड़े से मनुष्य की खूबसूरती ढक जाती है। अब तुम्हारे शरीर का एक-एक कटाव मैं जो देख रहा हूँ, कपड़े पहनने पर कैसे देख पाता।
    गवरइया – पर आदमी मौसम की मार से भी बचने के लिए कपड़े पहनता
    गवरा – कपड़े पहनने से आदमी की सहनशक्ति भी तो प्रभावित होती है। कपड़े पहनने से आदमी की हैसियत में भी तो फर्क दिखने लगता है। इसके अलावा उनकी हैसियत का भी पता चल जाता है।
  2. गवरइया द्वारा टोपी पहनने पर
    गवरइया – आदमी की टोपी तो सबसे अच्छी होती है। मेरा भी मन टोपी पहनने को करता है।
    गवरी – तू टोपी की बात कर रही है। टोपी की तो बहुत मुसीबतें हैं। कितने राज-पाट बदल जाते हैं। लोग अपनी टोपी बचाने के लिए कितनों को टोपी पहनाते हैं। जरा-सी चूक हुई और टोपी उछलते देर नहीं लगती है। मेरी मान तो तू इस चक्कर में पड़ ही मत।
  3. रुई का फाहा मिलने पर
    गवरइया – मिल गया, मिल गया! मुझे रुई का फाहा मिल गया।
    गवरा – लगता है तू पगला गई है। रुई से टोपी बनवाने का सफर कितना कठिन है।
    गवरइया – टोपी तो बनवानी है चाहे जैसे भी बने।
  4. गवरड्या द्वारा टोपी पहने के बाद
    गवरइया – (गवरे से) देख मेरी टोपी सबसे निराली… पाँच हुँदने वाली।
    गवरा – वाकई तू तो रानी लग रही है।
    गवरइया – ‘‘रानी नहीं, राजा कहो मेरे राजा। अब कौन राजा मेरा मुकाबला करेगा।”
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गद्य (Prose) (Class 8)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 18: टोपी - कहानी से [पृष्ठ १२७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Vasant Bhag 3 Class 8
पाठ 18 टोपी
कहानी से | Q 2 | पृष्ठ १२७

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