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गर्मियों या सर्दियों में जब तुम्हारी लंबी छुटियाँ होती हैं, तो तुम्हारा दिन कैसे बीतता है? अपनी बुआ या किसी और को एक पोस्टकार्ड या अंतरदेशीय पत्र लिखकर बताओ। - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

गर्मियों या सर्दियों में जब तुम्हारी लंबी छुटियाँ होती हैं, तो तुम्हारा दिन कैसे बीतता है? अपनी बुआ या किसी और को एक पोस्टकार्ड या अंतरदेशीय पत्र लिखकर बताओ।

टीपा लिहा
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उत्तर

6 बी, शिवलोक अपार्टमेंट
अशोक विहार,
दिल्ली।
22-07-20xx

आदरणीय बुआ जी,

सादर प्रणाम।

मैं यहाँ कुशलपूर्वक रह कर भगवान से आपकी कुशलता की कामना करती हूँ। आजकल हमारे विद्यालय में गर्मी की छुट्टियाँ चल रही हैं। मेरा पूरा दिन घर पर ही बीतता है। गर्मी के लंबे दिन घर पर बिताने कठिन हो जाते हैं। मैं पूरा दिन खुद को व्यस्त रखने का प्रयास करती हूँ। सुबह माँ के कामों में हाथ बंटाती हूँ। दोपहर में छुट्टियों में मिले गृह कार्य को पूरा करने के बाद भी शाम को खाली समय बच जाता था इसलिए मैंने संगीत की कक्षा में जाना शुरू कर दिया है। जब आप आएँगी तो मैं आपको मधुर गीत सुनाऊँगी।
शेष अगले पत्र में।
आपकी प्रिय भतीजी,
नेहा

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गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: नादान दोस्त - कुछ करने को । [पृष्ठ २२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
पाठ 3 नादान दोस्त
कुछ करने को । | Q 1 | पृष्ठ २२

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इस पाठ में गरमी के दिनों की चर्चा है। अगर सरदी या बरसात के दिन होते तो क्या-क्या होता? अनुमान करो और अपने साथियों को सुनाओ।


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नीचे हाथ से संबंधित कुछ मुहावरे दिए हैं। इनके अर्थ समझो और प्रत्येक मुहावरे से वाक्य बनाओ-

(क) हाथ को हाथ न सूझना
(ख) हाथ साफ़ करना
(ग) हाथ-पैर फूलना
(घ) हाथों-हाथ लेना
(ङ) हाथ लगना


हाथ और हस्त एक ही शब्द के दो रूप हैं। नीचे दिए गए शब्दों में हस्त और हाथ छिपे हैं। शब्दों को पढ़कर बताओ कि हाथों का इनमें क्या काम है-
हाथघड़ी
हथौड़ा
हस्तशिल्प
हस्तक्षेप
निहत्था
हथकंडा
हस्ताक्षर
हथकरघा


कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
इस वाक्य को गीतकार इस प्रकार कहना चाहता है
(तुमने) कल गैरों की खातिर (मेहनत) की, आज (तुम) अपनी खातिर करना।

इस वाक्य में ‘तुम’ कर्ता है जो गीत की पंक्ति में छंद बनाए रखने के लिए हटा दिया गया है। उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘अपनी’ का प्रयोग कर्ता ‘तुम’ के लिए हो रहा है, इसलिए यह सर्वनाम है। ऐसे सर्वनाम जो अपने आप के बारे में बताएँ निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। (निज का अर्थ ‘अपना’ होता है।)
निजवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं जो नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित हैं-
मैं अपने आप (या आप) घर चली जाऊँगी।
बब्बन अपना काम खुद करता है।
सुधा ने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा।
अब तुम भी निजवाचक सर्वनाम के निम्नलिखित रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो।

  1. अपने को
  2. अपने से
  3. अपना
  4. अपने पर
  5. अपने लिए
  6. आपस में

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ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों में रेखांकित शब्द देखने में मिलते-जुलते हैं, पर उनके अर्थ भिन्न हैं। नीचे ऐसे कुछ और शब्द दिए गए हैं। वाक्य बनाकर उनका अर्थ स्पष्ट करो

अवधि

-

अवधी

ओर

-

और

में

-

मैं

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-

दीन

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-

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-

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  • कालिख
  • भराई
  • चक्की
  • रोशनी
  • सेवा
  • पतीला

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प्राकृतिक संसाधन दैनिक उपयोग की वस्तुएँ
चमड़ा ________________
घास के तिनके ________________
पेड़ की छाल ________________
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मिट्टी ________________
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