Advertisements
Advertisements
प्रश्न
ग्रामीण विविधीकरण में गैर-कृषि रोजगार का महत्त्व बताइए।
थोडक्यात उत्तर
Advertisements
उत्तर
- विविधीकरण का तात्पर्य तो फसल विविधीकरण से है या उत्पादन गतिविधियों के विविधीकरण से, जिसका अर्थ है कृषि गतिविधियों से गैर-कृषि गतिविधियों में स्थानांतरित होना। इसमें निम्नलिखित गतिविधियाँ शामिल है:
- कृषि प्रसंस्करण गतिविधियाँ, खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियाँ, चमड़ा उद्योग, हस्तशिल्प, पर्यटन, मिट्टी के बर्तन बनाना, हथकरघा आदि।
- पशुपालन- पशुधन आय की स्थिरता एवं खाद्य एवं पोषकता सुरक्षा को बढ़ा देता है तथा 70 मिलियन सीमांत एवं छोटे किसानों को वैकल्पिक रोज़गार का साधन प्रदान करता है। आपरेशन फ्लड’ के द्वारा 1960-2002 के बीच भारत का दुग्ध उत्पादन चार गुणा बढ़ा।
- मत्स्य पालन- कुल मछली उत्पादन का सकल घरेलू उत्पाद में 1.4% का योगदान हैं मत्स्य क्षेत्र निम्न आय स्तर, श्रम की गतिशीलता के निम्न स्तर एवं निरक्षरता के उच्च स्तरों से ग्रस्त है। निर्यात बाजार का 60% तथा 40% आंतरिक मत्स्य व्यापार का संचालन महिलाओं के हाथ में है।
- उद्यान विज्ञान- 1991 से 2003 की अवधि को स्वर्णिम क्रांति कहा जाता है। इसी दौरान बागवानी में सुनियोजित निवेश बहुत ही उत्पादक सिद्ध हुआ और इस क्षेत्रक ने एक धारणीय वैकल्पिक रोजगार का रूप धारण किया। बागवानी में लगे कितने ही कृषकों की आर्थिक दशा में बहुत सुधार हुआ है। ये उद्योग अब अनेक वंचित वर्गों के लिए आजीविका को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हुए हैं।
shaalaa.com
उत्पादक गतिविधियों का विविधीकरण
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
गरीबों की ऋण आवश्यकताएँ पूरी करने में अतिलघु साख व्यवस्था की भूमिका की व्याख्या करें।
‘स्वर्णिम क्रांति’ और ‘हरित क्रांति’ में अंतर स्पष्ट करें।
विविधीकरण के स्रोत के रूप में पशुपालन, मत्स्यपालन और बागवानी के महत्त्व पर टिप्पणी करें।
"जनधन योजना ग्रामीण विकास में मदद करती हैं।" क्या आप इस कहानी से सहमत हैं? समझाएँ।
