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गिरि का गौरव गाकर झर-झर मद में नस-नस उत्तेजित कर मोती की लड़ियों-से सुंदर झरते हैं झाग भरे निर्झर! गिरिवर के उर से उठ-उठकर उच्चाकांक्षाओं से तरुवर हैं झाँक रहे नीरव-नभ पर अनिमेष, - Hindi Course - B

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प्रश्न

निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए:

गिरि का गौरव गाकर झर-झर
मद में नस-नस उत्तेजित कर
मोती की लड़ियों-से सुंदर
झरते हैं झाग भरे निर्झर!

गिरिवर के उर से उठ-उठकर
उच्चाकांक्षाओं से तरुवर
हैं झाँक रहे नीरव-नभ पर
अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर।

  1. ‘अनिमेष’ का अर्थ नहीं है:
    1. एकटक
    2. लगातार
    3. निर्निमेष
    4. झाँकना
  2. पद्यांश में किसकी तुलना मोती की लड़ियों से की गई है?
    1. महाकार पर्वत की
    2. झाग भरे झरने की
    3. निर्मल ताल की
    4. विशाल वृक्ष की
  3. ‘नीरव-नभ’ का आशय है:
    1. बिना बादल का आकाश
    2. बादलों से भरा आकाश
    3. बादल रहित शांत आकाश
    4. तेज़ हवा से युक्त आकाश
  4. पेड़ ‘चिंतापर’ क्यों दिखाई दे रहे हैं?
    1. वे आकाश जैसी ऊँचाई पाने के लिए विचारमन हैं।
    2. पर्वतों की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
    3. पर्वतों से झरने वाले झरनों की गति से भयभीत हैं।
    4. नीरव-नभ का रूप उन्हें आश्चर्यवकित कर रहा है।
  5. निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यामपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों के सही उत्तर चुनक लिखिए:
    कथन: एकाग्रता, अटल विश्वास और लक्ष्य पर दृष्टि सफल होने के सहायक तत्व हैं।
    कारण: जीवन में सफलता बिना प्रयास के भाग्य से स्वयं ही प्राप्त हो जाती है।
    विकल्प:
    1. कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    2. कथन और कारण दोनों सहीं हैं।
    3. कथन गलत है, परंतु कारण सही है।
    4. कथन सही है. किंतु कारण गलत है।
आकलन
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उत्तर

  1. (D) झाँकना
  2. (B) झाग भरे झरने की
  3. (C) बादल रहित शांत आकाश
  4. (A) वे आकाश जैसी ऊँचाई पाने के लिए विचारमग्न हैं।
  5. (D) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
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2025-2026 (March) 4/4/3
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