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“गिर रहा पानी झरा झर, हिल रहे पत्ते हरा-हर, बह रही है हवा सर-सर, काँपते हैं प्राण थर-थर” उपर्युक्त पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यानपूर्वक पढ़िए। यहाँ शब्दों का चयन और संयोजन इस प्रकार

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प्रश्न

“गिर रहा पानी झरा झर, हिल रहे पत्ते हरा-हर,
बह रही है हवा सर-सर, काँपते हैं प्राण थर-थर”

उपर्युक्त पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यानपूर्वक पढ़िए। यहाँ शब्दों का चयन और संयोजन इस प्रकार किया गया है। कि कविता में ध्वन्यात्मकता और नाद सौंदर्य की सृष्टि हुई है। शब्दों के ऐसे प्रयोग से कविता आकर्षक बनती है। कविता में ऐसी अनेक विशेषताएँ हैं जो इसे जीवंत और प्रभावपूर्ण बनाती हैं। ऐसी कुछ विशेषताओं की सूची नीचे दी गई है। कविता से ऐसी विशेषताओं वाली पंक्तियों को ढूँढ़कर लिखिए।

विशेषताएँ-

  • स्मृति और दृश्य बिंब
  • लोकभाषा की सहजता
  • पंक्तियों का दोहराव
  • आलंकारिक प्रयोग
  • प्राकृतिक दृश्यों और भावों का संयोजन
  • संबोधनात्मकता
दीर्घउत्तर
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उत्तर

  1. स्मृति और दृश्य बिंब
    “घर कि घर में चार भाई,
    मायके में बहिन आई,”
    “और माँ बिन-पढ़ी मेरी,
    दुख में वह गढ़ी मेरी,”
  2. लोकभाषा की सहजता
    “हाय रे परिताप के घर!”
    “हाय, पानी गिर रहा है,”
  3. पंक्तियों का दोहराव
    “बहुत पानी गिर रहा है,”
    “गिर रहा है आज पानी,”
  4. आलंकारिक प्रयोग
    “वज्र-भुज नवनीत-सा उर,” (उपमा अलंकार)
    “मन निहायत नम गया है,”
  5. प्राकृतिक दृश्यों और भावों का संयोजन
    “गिर रहा पानी झरा-झर,
    हिल रहे पत्ते हरा-हर,”
    “बह रही है हवा सर-सर,
    काँपते हैं प्राण थर-थर,”
  6. संबोधनात्मकता
    “हे सजीले हरे सावन,”
    “हे कि मेरे पुण्य पावन,”
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पाठ 12: घर की याद - अभ्यास [पृष्ठ २०१]

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एनसीईआरटी Hindi Ganga [English] Class 9
पाठ 12 घर की याद
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ २०१
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