मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १० वी

गद्याशं पठित्वा माध्यमभाषया सरलार्थ लिखत। कीर्तनकारः शृणुत आर्याः शृणुत। अतिप्राचीना खलु एषा कथा। अस्ति विश्वामित्रः नाम कुशिकपुत्रः मुनिवरः। सपरिवारं, सगोधनं सः दूरतः आगतः। - Sanskrit (Second Language) [संस्कृत (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

गद्याशं पठित्वा माध्यमभाषया सरलार्थ लिखत।

कीर्तनकारः शृणुत आर्याः शृणुत। अतिप्राचीना खलु एषा कथा। अस्ति विश्वामित्रः नाम कुशिकपुत्रः मुनिवरः। सपरिवारं, सगोधनं सः दूरतः आगतः। मार्गम्‌ आक्रामन्‌ सः विपाट्‌ तथा शुतुद्री एतयोः नद्योः सङ्गमं प्राप्तः।
भाषांतर
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उत्तर १

English:

Narrator  Listen, O people, listen! There is an ancient tale. Sage Vishvamitra, the son of Kushika, was a seer of excellence. During his pilgrimage, along with retinue of disciples, he arrived on the bank of the confluence of two rivers — Vipata and Shutudri (present Beas and Satluj in Punjab).
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उत्तर २

हिंदी:

कथावाचक सुनो, लोगो, सुनो। यह सचमुच एक प्राचीन कहानी है। कुशिक के पुत्र विश्वामित्र एक महान ऋषि थे। वह अपने परिवार और मवेशियों के साथ दूर से आया था। मार्ग पर चलते हुए वे दो नदियों, विपत और शुतुद्रि (सतलज) के संगम पर पहुंचे।
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उत्तर ३

मराठी:

कीर्तनकार ऐका लोकहो, ऐका. ही खरोखर फार प्राचीन कथा आहे. कुशिकपुत्र विश्वामित्र हे श्रेष्ठ ऋषी होते. आपल्या परिवारासह, गोधनासह ते दुरून आले. वाट चालता चालता ते विपाट व शुतुद्री (सतलज) या दोन नदयांच्या संगमापाशी आले.
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