मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १० वी

गद्यांशं पठित्वा सरलार्थं लिखत। शक्रः (कर्णमुपगम्य) भो: कर्ण, महत्तरां भिक्षां याचे। कर्णः दृढं प्रीताऽस्मि भगवन्‌। एषोऽहं नमस्करोमि। शक्र (आत्मगतम्‌) किं नु खल्वहं वदामि? यदि दीर्घायुर्भवेति वदेयम्‌ - Sanskrit - Composite [संस्कृत - संयुक्त (द्वितीय भाषा)]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

गद्यांशं पठित्वा सरलार्थं लिखत।

शक्रः (कर्णमुपगम्य) भो: कर्ण, महत्तरां भिक्षां याचे।
कर्णः दृढं प्रीताऽस्मि भगवन्‌। एषोऽहं नमस्करोमि।
शक्र:  (आत्मगतम्‌) किं नु खल्वहं वदामि? यदि दीर्घायुर्भवेति वदेयम्‌ दीर्घायुर्भवेत्‌। यदि न वदेयम्‌, मूढ इति मां परिभवति। तस्माद्‌ उभयं परिहृत्य किं नु खलु भाषे? भवतु, दृष्टम्‌।
भाषांतर
Advertisements

उत्तर १

English:

Indra: (Approaching कर्ण) O कर्ण, I ask for the great alms.
Karna: O lord! I am very pleased. Here, I salute you.
Indra: (To himself) What shall I say now? If I will say, ‘live long’ then he would live long. If I would not say, he would consider me as ignorant. Therefore, leaving these two (except these two) indeed what shall I say? Let it be, I got it.
shaalaa.com

उत्तर २

हिन्दी:

शक्र: (कर्ण के पास जाकर) हे कर्ण, मुझे एक बड़ी भिक्षा चाहिए।
कर्ण: हे प्रभु! मैं बहुत खुश हूँ। मैं आपको प्रणाम करता हूँ।
शक्र:  (खुद से), अब मैं क्या कहूँ? अगर मैं कहूँ, ‘आप लंबी उम्र जिएं,’ तो यह लंबी ज़िंदगी आएगी। अगर मैं कुछ नहीं कहूँगा, तो वह मुझे बेवकूफ समझेगा। तो, दोनों को छोड़कर मैं क्या कहूँ? खैर। मुझे समझ आ गया।
shaalaa.com

उत्तर ३

मराठी:

शक्र:  (कर्णाजवळ जाऊन) अरे कर्णा, मला मोठी भिक्षा हवी आहे.
कर्ण: अहो स्वामी! मला खूप आनंद झाला आहे. मी तुम्हांला नमस्कार करतो.
शक्र: (स्वतःला), आता भी काय बोलावे? जर मी ‘दीर्घायु हो’ असे बोललो तर हा दीर्घायु होईल. जर मी (काहीच) नाही बोललो तर हा मला मूर्ख समजेल. तेव्हा, दोन्ही सोडून काय बरे बोलावे? असो. लक्षात आले.
shaalaa.com
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2019-2020 (March) Official
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×