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प्रश्न
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'जीवन में सफल होने के लिए बाहरी रंग-रूप ही महत्वपूर्ण नहीं है।' 'एक कहानी यह भी' के आधार पर तर्कसंगत उत्तर दीजिए।
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उत्तर
लेखिका मन्नू भंडारी बचपन में दुबली-पतली और कमजोर थीं, और उनका रंग भी साँवला था, जिसके कारण उन्हें हमेशा अपने पिता की उपेक्षा झेलनी पड़ी, जिससे उनके मन में हीन भावना उत्पन्न हो गई। हालांकि, बाद में उनके पिता के सही मार्गदर्शन और हिंदी अध्यापिका शीला अग्रवाल के सहयोग से मन्नू भंडारी ने नेतृत्व क्षमता और प्रभावशाली व्यक्तित्व विकसित किया। वे एक विचारशील और प्रभावशाली वक्ता बनीं। अपने संघर्षशील और मजबूत विचारों के साथ, उन्होंने समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जो यह दर्शाता है कि व्यक्तित्व और प्रतिभा जीवन में सफलता के प्रमुख कारक हैं, आज हिंदी साहित्य में उन्हें प्रतिष्ठित लेखिका के रूप में पहचाना जाता है। इससे स्पष्ट होता है कि जीवन में सफल होने के लिए केवल बाहरी रंग-रूप ही महत्वपूर्ण नहीं होता।
