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प्रश्न
फसल सुधार के लिए ऐच्छिक सस्य विज्ञान गुण क्या हैं?
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उत्तर
फसल सुधार के लिए ऐच्छिक सस्य विज्ञान गुण हैं:
- चारे वाली फसलों के लिए लंबी तथा सघन शाखाएँ ऐच्छिक गुण हैं।
- अनाज के लिए बौने पौधे उपयुक्त हैं।
इन फसलों को उगाने के लिए कम पोषकों की आवश्यकता होती हैं। इस प्रकार सस्य विज्ञान वाली किस्में अधिक उत्पादन प्राप्त करने में सहायक होती हैं।
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______ फसल शीत ऋतु में होती हैं।
निम्नलिखित के समूह बनाइए तथा उन्हें ऊर्जा देने वाली प्रोटीन देने वाली तेल देने वाली तथा चारा देने वाली फसलों में वगीकृत कीजिए -
गेहूँ, चावल, बरसीम, मक्का, चना, जई, अरहर, सूडान घास, मसूर, सोयाबीन, मूँगफली, अरंडी तथा सरसों।
संकरण तथा दीप्तिकाल की परिभाषा लिखिए।
गेहूँ, चना, मटर, सरसों ______ फसलें हैं।
हरी खाद तैयार करने के लिए इन कथनों को सही क्रम में लिखिए -
- हरे पौधे मृदा में अपघटित हो जाते हैं।
- खाद बनाने के लिए यानी हरे पौधे उगाए जाते हैं या फसली पौधों के भागों का इस्तेमाल किया जाता है।
- पौधे खेत में जोत दिए जाते हैं और मृदा में मिल जाते हैं।
- अपघटन के बाद यह हरी खाद बन जाती है।
पारिभाषित करें - हरी खाद
चित्र में खेती की दो फसलों को (प्लाट A तथा B) जिनको क्रमश: खाद तथा रासायनिक उर्वरक से दर्शाया गया है, दूसरे पर्यावरणीय कारकों को यथावत रखते हुए, ग्राफ का अवलोकन कीजिए तथा निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
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