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प्रश्न
'फिल्मकार शैलेंद्र के जीवन की कौन-सी विशेषताएँ आप अपनाना चाहेंगे और क्यों? 'तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र' के संदर्भ में लिखिए।
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उत्तर
फिल्म निर्माता के रूप में शैलेंद्र की संवेदनशीलता का गुण उनमें दिखाई देता है। उनमें सच्चा और भावुक कवि हृदय भी था। फिल्मकार शैलेंद्र की कई विशेषताएँ प्रेरणादायक हैं, जिनमें से मैं उनकी ईमानदारी, सादगी, और समाज के प्रति गहरी संवेदनशीलता को अपनाना चाहूँगा। शैलेंद्र अपने काम में सच्चाई और समाज की वास्तविकता को चित्रित करने में विश्वास रखते थे। उनमें व्यावसायिक सूझ-बूझ नहीं थी। धन पाने की लालसा में वे कभी भी दर्शकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं करते थे। बल्कि हानि उठाकर भी दर्शकों को सच्चाई से अवगत कराते थे जिससे उनकी रुचियों का परिष्कार हो सके। परन्तु इन विशेषताओं के साथ ही वे फिल्म निर्माता बनने के सर्वथा अयोग्य थे। उनकी यह सादगी और समाज के प्रति प्रतिबद्धता मुझे आकर्षित करती है। इन गुणों को अपनाकर मैं भी समाज के लिए कुछ सकारात्मक योगदान देना चाहूँगा। वे आदर्शवादी भावुक कवि थे जिसे अपार सम्पत्ति और यश तक की कामना नहीं थी। उनमें आत्मसंतुष्टि के सुख की अभिलाषा थी। हमें शैलेंद्र की संवेदनशीलता 'तथा आदर्शवाद जैसे गुणों का अनुकरण करना चाहिए ताकि इससे समाज को उत्कर्ष तक पहुँचाया जा सके।
