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प्रश्न
एन-बार्टलेट Xe तथा PtF6 के बीच अभिक्रिया कराने के लिए कैसे प्रेरित हुए?
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उत्तर
नील बार्टलेट ने प्रेक्षित किया कि PtF6 की अभिक्रिया O2 से होने पर एक आयनिक ठोस \[\ce{O^+_2PtF^-_6}\] प्राप्त होता है।
\[\ce{O2_{(g)} + PtF6_{(g)} -> O^+_2 [PtF6]^-}\]
यहाँ O2, PtF6 द्वारा \[\ce{O^+_2}\] में ऑक्सीकृत हो जाता है।
बार्टलेट ने पाया कि Xe की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (1170 kJ mol−1) O2 अणुओं की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (1175 kJ mol−1) के लगभग समान है, इसलिए PtF6 द्वारा Xe को Xe+ में ऑक्सीकृत करना चाहिए। इस प्रकार वे Xe तथा PtF6 के बीच अभिक्रिया कराने के लिए प्रेरित हुए। जब Xe तथा PtF6 को मिश्रित किया गया, तब एक तीव्र अभिक्रिया हुई तथा सूत्र \[\ce{Xe^+PtF^-_6}\] का एक लाल ठोस पदार्थ प्राप्त हुआ।
\[\ce{Xe + PtF6 ->[278 K] Xe^+ [PtF6]^-}\]
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