Advertisements
Advertisements
प्रश्न
दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।
लिगन्ड
Advertisements
उत्तर
उपसहसंयोजन सत्ता में केंद्रीय परमाणु/आयन से परिबद्ध आयन अथवा अणु लिगन्ड कहलाते हैं। ये सामान्य आयन हो सकतें हैं जैसे Cl−, छोटे अणु हो सकते हैं जैसे H2O या NH3, बड़े अणु हो सकते हैं जसे H2NCH2CH2NH2 या N(CH2CH2NH2)3 अथवा बृहदणु भी हो सकते हैं जैसे प्रोटीन।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कॉपर सल्फेट के जलीय विलयन में जलीय KCN को आधिक्य में मिलाने पर बनने वाली उपसहसंयोजन सत्ता क्या होगी? इस विलयन में जब H2S गैस प्रवाहित की जाती है तो कॉपर सल्फाइड का अवक्षेप क्यों नहीं प्राप्त होता?
निम्न संकुल में केंद्रीय धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था, d-कक्षकों का अधिग्रहण एवं उपसहसंयोजन संख्या बतलाइए –
K3[Co(C2O4)3]
K[Co(CO)4] में कोबाल्ट (Co) की ऑक्सीकरण संख्या है –
0.1 mol CoCl3 (NH3)5 की AgNO3 के आधिक्य से अभिक्रिया कराने पर AgCl के 0.2 mol प्राप्त होते हैं। विलयन की चालकता ______ के समकक्ष होगी।
कीलेशन द्वारा उपसहसंयोजन यौगिकों का स्थायित्व कीलेट प्रभाव कहलाता है। निम्नलिखित में से कौन-सी संकुल स्पीशीज़ सर्वाधिक स्थायी है?
निम्नलिखित में से कौन-से संकुल हेट्रोलेप्टिक हैं?
(i) [Cr(NH3)6]3+
(ii) [Fe(NH3)4Cl2]+
(iii) [Mn(CN)6]4–
(iv) [Co(NH3)4Cl2]
कॉलम I में दिए गए यौगिकों और इनमें उपस्थित कोबाल्ट की कॉलम II में दी गई ऑक्सीकरण अवस्थाओं को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (यौगिक) | कॉलम II (Co की ऑक्सीकरण अवस्था) |
| (A) [Co(NCS)(NH3)5](SO3) | (1) + 4 |
| (B) [Co(NH3)4Cl2]SO4 | (2) 0 |
| (C) Na4[Co(S2O3)3] | (3) + 1 |
| (D) [Co2(CO)8] | (4) + 2 |
| (5) + 3 |
अभिकथन: आविषी धातु आयन कीलेटी लिगंडों द्वारा निष्काषित किए जाते हैं।
तर्क: कीलेट संकुलों की प्रवृत्ति अधिक स्थायी होने की होती है।
उभयदंतुर लिगन्ड से क्या तात्पर्य है?
उभयदंतुर लिगन्ड का दो उदाहरण दीजिए।
