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प्रश्न
ढूँढ़ो और लिखो:
शिवाजी महाराज पन्हाला गढ़ से किस प्रकार निकल गए?
दीर्घउत्तर
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उत्तर
- 1660 ई. में आदिलशाह ने सिद्दी जौहर को शिवाजी महाराज के खिलाफ भेजा, जिसने बाजी घोरपड़े, रुस्तम-ए-जमन और फजलखान की मदद से पन्हालगढ़ किले को पाँच महीने तक घेर लिया।
- इस संकट के दौरान, शिवाजी महाराज ने सिद्दी जौहर से बातचीत शुरू की, जिससे घेराबंदी थोड़ी कमजोर हो गई।
शिवाजी महाराज ने इस अवसर का लाभ उठाकर एक योजनाबद्ध रणनीति बनाई। - शिवा काशीद, जो शिवाजी महाराज से काफी मिलता-जुलता था, आगे आया। उसने शिवाजी महाराज का वेश धारण किया और पालकी में बैठकर किले से निकला। सिद्दी की सेना ने उसकी पालकी को पकड़ लिया और उसे मार दिया। इसी प्रकार शिवा काशीद ने शिवाजी महाराज के वेश में बलिदान दिया, जिससे महाराज सुरक्षित बाहर निकल सके।
- इसी दौरान, शिवाजी महाराज एक कठिन और गुप्त मार्ग से किले से बाहर निकल गए। वे विशालगढ़ की ओर तेजी से बढ़े, जहाँ नेताजी पालकर और बाजीप्रभु देशपांडे ने उनका स्वागत किया।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
