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प्रश्न
‘दहेज’ समाज के लिए एक कलंक है, इस पर अपने विचार लिखिए।
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उत्तर
‘दहेज’ समाज के लिए एक कलंक है
दहेज हमारे समाज की एक गंभीर सामाजिक बुराई है। यह एक पुरानी प्रथा है, जिसमें विवाह के समय कन्या पक्ष द्वारा धन, गहने, वाहन तथा अन्य वस्तुएँ देने की अपेक्षा की जाती है। आज भी शिक्षित और अशिक्षित, दोनों प्रकार के परिवारों में यह प्रथा देखने को मिलती है। दहेज की बढ़ती माँग के कारण अनेक परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं। कई बार कन्या के माता-पिता कर्ज़ लेने के लिए मजबूर हो जाते हैं और कुछ मामलों में आत्महत्या जैसे दुखद कदम भी उठाते हैं। इस प्रथा के कारण समाज में बेटियों को बोझ समझा जाने लगा है, जिससे कन्या भ्रूण हत्या जैसी समस्याएँ भी बढ़ती हैं। यद्यपि दहेज प्रतिषेध अधिनियम लागू है, फिर भी यह प्रथा पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। इसलिए दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होकर इसका विरोध करना चाहिए। तभी हम एक समान, न्यायपूर्ण और आदर्श समाज का निर्माण कर सकते हैं।
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