Advertisements
Advertisements
प्रश्न
धातुं प्रत्ययं च लिखत–
| पदानि | = | धातुः | + | प्रत्ययः |
| पातुम् | = | ______ | + | ______ |
रिकाम्या जागा भरा
Advertisements
उत्तर १
| पदानि | = | धातुः | + | प्रत्ययः |
| पातुम् | = | पिब् | + | तुमुन् |
shaalaa.com
उत्तर २
| पदानि | = | धातुः | + | प्रत्ययः |
| पातुम् | = | पा | + | तुमुन् |
shaalaa.com
कण्टकेनैव कण्टकम्
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: कण्टकेनैव कण्टकम् - अभ्यासः [पृष्ठ ३३]
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
व्याधस्य नाम किम् आसीत्?
कस्मै किमपि अकार्यं न भवति।
जलं पीत्वा व्याघ्रः किम् अवदत्?
अधोलिखितानि वाक्यानि कः/का कं/कां प्रति कथयति
| कः/का | कं/कां | |
| अहं त्वत्कृते धर्मम् आचरितवान् त्वया मिथ्या भणितम्। | ______ | ______ |
रेखांकित पदमाधृत्य प्रश्ननिर्माण–
चञ्चलः वृक्षम् उपगम्य अपृच्छत्।
रेखांकित पदमाधृत्य प्रश्ननिर्माण–
मानवाः वृक्षाणां छायायां विरमन्ति।
रेखांकित पदमाधृत्य प्रश्ननिर्माण–
व्याघ्रः लोमशिकायै निखिलां कथां न्यवेदयत्।
रेखांकित पदमाधृत्य प्रश्ननिर्माण–
व्याघ्रः नद्याः जलेन व्याधस्य पिपासामशमयत्।
यथानिर्देशमुत्तरत–
अहं त्वत्कृते धर्मम् आचरितवान् – अत्र अहम् इति सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम्?
यथानिर्देशमुत्तरत–
सा सहसा चञ्चलमुपसृत्य कथयति – वाक्यात् एकम् अव्ययपदं चित्वा लिखत।
उदाहरणानुसारं रिक्तस्थानानि पूरयत–
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| यथा-स्वसृ (सप्तमी) | स्वसरि | स्वस्रो: | स्वसृषु |
| मातृ (सप्तमी) | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं रिक्तस्थानानि पूरयत–
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| यथा-स्वसृ (षष्ठी) | स्वसुः | स्वस्रो: | स्वसणाम् |
| मातृ (षष्ठी) | ______ | ______ | ______ |
धातुं प्रत्ययं च लिखत–
| पदानि | = | धातुः | + | प्रत्ययः |
| द्रष्टुम् | = | ______ | + | ______ |
धातुं प्रत्ययं च लिखत–
| पदानि | = | धातुः | + | प्रत्ययः |
| कृत्वा | = | ______ | + | ______ |
सर्वः किं समीहते?
