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धारावाही सीधे तार के आस-पास चुंबकीय क्षेत्र को निरूपित करने वाले संकेन्द्री वृत्त, तार से दूर होने पर बड़े और बड़े हो जाते हैं। इन संकेन्द्री वृत्तों पर चुंबकीय क्षेत्र किस प्रकार से परिवर्तित

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प्रश्न

धारावाही सीधे तार के आस-पास चुंबकीय क्षेत्र को निरूपित करने वाले संकेन्द्री वृत्त, तार से दूर होने पर बड़े और बड़े हो जाते हैं। इन संकेन्द्री वृत्तों पर चुंबकीय क्षेत्र किस प्रकार से परिवर्तित होता है?

लघु उत्तर
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उत्तर

तार के चारों ओर बनी उन समकेंद्रीय वृत्तों पर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता, तार से दूर जाने पर कम होती जाती है। यह तार से दूरी r के व्युत्क्रमानुपाती होती है।

`B = μ_0 I/(2pir)`

प्रत्येक वृत्त पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा उस वृत्त की स्पर्शरेखा के समान होती है, अर्थात् यह तार के चारों ओर परिधीय दिशा में होता है।

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