Advertisements
Advertisements
प्रश्न
[Cr(H2O)6]Cl3 (बैंगनी) और [Cr(H2O)5Cl]Cl2⋅H2O (सलेटी-हरा) के बीच कौन-से प्रकार की समावयवता पाई जाती है?
पर्याय
बंधनी समावयवता
विलायकयोजन समावयवता
आयनन समावयवता
उपसहसंयोजन समावयवता
Advertisements
उत्तर
विलायकयोजन समावयवता
स्पष्टीकरण:
विलायकयोजन समावयवता [Cr(H2O)6]Cl3 (बैंगनी) और [Cr(H2O)5Cl]Cl2⋅H2O (सलेटी-हरा) के बीच मौजूद है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
उपसहसंयोजन यौगिकों के लिए संभावित विभिन्न प्रकार की समावयवताओं को सूचीबद्ध कीजिए तथा प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।
उभयदंती लिगंड के कारण उपसहसंयोजन यौगिक समावयवता दर्शाते हैं। पैलेडियम के [Pd(C6H5)2(SCN)2] और [Pd(C6H5)2(NCS)2] संकुल हैं ______।
यौगिक [Co(SO4)(NH3)5]Br और [Co(SO4)(NH3)5]Cl ______ प्रदर्शित करते हैं।
निम्नलिखित में से ध्रुवण घूर्णक यौगिकों को पहचानिए।
(i) [Co(en)3]3+
(ii) विपक्ष - [Co(en)2Cl2]+
(iii) समपक्ष - [Co(en)2Cl2]+
(iv) [Cr(NH3)5Cl]
निम्नलिखित में से कौन-से संकुल बंधनी समावयवता प्रदर्शित करते हैं?
(i) [Co(NH3)5(NO2)]2+
(ii) [Co(H2O)5CO]3+
(iii) [Cr(NH3)5SCN]2+
(iv) [Fe(en)2Cl2]+
एक [M(AA)2X2]n+ प्रकार का संकुल ध्रुवण घूर्णक है। यह संकुल की संरचना के विषय में क्या इंगित करता है? ऐसे संकुल का एक उदाहरण दीजिए।
समान ज्यामिती वाले यौगिकों का चुंबकीय आघूर्ण भिन्न क्यों होता है?
जब उभयदंती लिगंड केंद्रीय धातु आयन से जुड़े होते हैं तो कौन-सी समावयवता संभव है? उभयदंती लिगंडों के दो उदाहरण दीजिए।
कॉलम I में दी गई संकुल स्पीशीज़ और कॉलम II में दिए गए समावयवता के प्रकारों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (संकुल स्पीशीज़) | कॉलम II (समावयवता) |
| (A) [Co(NH3)4Cl2]+ | (1) ध्रुवण |
| (B) समपक्ष–[Co(en)2Cl2]+ | (2) आयनन |
| (C) [Co(NH3)5(NO2)]Cl2 | (3) उपसहसंयोजन |
| (D) [Co(NH3)6][Cr(CN)6] | (4) ज्यामितीय |
| (5) बंधनी |
अभिकथन: उभयदंती लिगंडों वाले उपसहसंयोजन यौगिकों में बंधनी समावयवता होती है।
तर्क: उभयदंती लिगंडों में दो भिन्न दाता परमाणु होते हैं।
