मराठी

“चलते हैं हंस कहीं पर, बाँधे कतार सुंदर गाते हैं गीत कैसे, लेते किसान मनहरा।”

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

पाठ में से चुनकर पंक्ति नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए–

“चलते हैं हंस कहीं पर, बाँधे कतार सुंदर
गाते हैं गीत कैसे, लेते किसान मनहरा।”

सविस्तर उत्तर
Advertisements

उत्तर

इन पंक्तियों में कवि हंसों और किसानों का सुंदर चित्र प्रस्तुत करता है। वर्षा से झीलों, नदियों और तालाबों में पानी भर जाता है। तब हंस कहीं जा रहे हैं; वे एक सुंदर कतार में बँधकर चल रहे हैं और मीठी आवाज़ में गीत गा रहे हैं। उनका यह मनोहर दृश्य देखकर और उनका मधुर गीत सुनकर किसानों का मन खिल उठता है। हंसों की उपस्थिति सुख-समृद्धि और अच्छी फसल का संकेत मानी जाती है, क्योंकि वर्षा के पानी से खेत लहलहा उठते हैं और किसानों का घर अनाज से भर जाता है। इन पंक्तियों से हमें समझ आता है कि वर्षा किसानों के लिए कितनी लाभदायक और सुखद है।

shaalaa.com
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 7: वर्षा-बहार - पाठ से [पृष्ठ ८६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
पाठ 7 वर्षा-बहार
पाठ से | Q (ख) | पृष्ठ ८६
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×