मराठी

चित्र बनाकर दर्शाइए कि दीर्घ-दृष्टि दोष कैसे संशोधित किया जाता है। एक दीर्घ-दृष्टि दोषयुक्त नेत्र का निकट बिंदु 1 m है। इस दोष को संशोधित करने के लिए आवश्यक लेंस की क्षमता क्या होगी? - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

चित्र बनाकर दर्शाइए कि दीर्घ-दृष्टि दोष कैसे संशोधित किया जाता है। एक दीर्घ-दृष्टि दोषयुक्त नेत्र का निकट बिंदु 1 m है। इस दोष को संशोधित करने के लिए आवश्यक लेंस की क्षमता क्या होगी? यह मान लीजिए कि सामान्य नेत्र का निकट बिंदु 25 cm है।

दीर्घउत्तर
Advertisements

उत्तर १

हम जानते हैं कि दीर्घ-दृष्टि दोष युक्त नेत्र दूर की वस्तुओं को तो स्पष्ट देख लेता है, लेकिन नजदीक की वस्तुओं को स्पष्ट नहीं देख पाता है, इसके निवारण के लिए उचित क्षमता का उत्तल लेंस प्रयुक्त करते हैं ताकि पास से आने वाली प्रकाश किरणें दृष्‍ट‍िपटल पर फोकसित हो जाए।

यह उत्तल लेंस 25 cm पर रखी वस्तु N' का आभासी प्रतिबिंब N बना देता है। अब पीड़ित आँख N बिंदु से आने वाली प्रकाश किरणों को दृष्‍ट‍िपटल पर फोकसित कर देती है।


               दीर्घ-दृष्टि दोष युक्त नेत्र


           दीर्घ-दृष्टि दोष का संशोधन

u = – 25 cm, v = – 1 m = – 100 cm

∴ `1/"v" - 1/"u" = 1/"f"`  ....(लेंस सूत्र द्वारा)

`1/(-100  "cm") - 1/(-25  "cm") = 1/"f"`

`1/"f" = (-1)/100 + 1/25` 

= `(-1 + 4)/100`

= `3/100` cm

f = `100/3`

= 33.3 cm

= 0.33 m

अतः संशोधित लेंस की क्षमता

P = `1/"f"`

= `1/0.33`

= +3.0 D .....(उत्तल लेंस)

shaalaa.com

उत्तर २

हम जानते हैं कि दीर्घ-दृष्टि दोष युक्त नेत्र दूर की वस्तुओं को तो स्पष्ट देख लेता है, लेकिन नजदीक की वस्तुओं को स्पष्ट नहीं देख पाता है, इसके निवारण के लिए उचित क्षमता का उत्तल लेंस प्रयुक्त करते हैं ताकि पास से आने वाली प्रकाश किरणें दृष्‍ट‍िपटल पर फोकसित हो जाए। इस दृष्टि दोष को उत्तल लेंस (convex lens) का उपयोग करके ठीक किया जाता है। उपयुक्त शक्ति का उत्तल लेंस आने वाली प्रकाश किरणों को इस प्रकार अपवर्तित करता है कि छवि रेटिना पर बने, जैसा कि नीचे दिए गए चित्र में दिखाया गया है।


             दीर्घ-दृष्टि दोष का संशोधन

उत्तल लेंस वास्तव में किसी निकटवर्ती वस्तु (चित्र में N') की एक आभासी छवि उस व्यक्ति की दृष्टि के निकट बिंदु (N) पर बनाता है, जो हाइपरमेट्रोपिया से पीड़ित है। उपरोक्त व्यक्ति उस वस्तु को स्पष्ट रूप से देख सकेगा, जो 25 सेमी (सामान्य आँख का निकट बिंदु) की दूरी पर रखी हो, अगर वस्तु की छवि उसके निकट बिंदु पर बने, जो 1 मीटर दिया गया है।

वस्तु की दूरी, u = −25 cm

प्रतिबिंब की दूरी, v = −1 m= −100 m

फोकल लंबाई, f

लेंस सूत्र का उपयोग करते हुए,

`1/v - 1/u = 1/f`

`1/-100 - 1/-25 = 1/f`

`1/f = (-1)/100 + 1/25`

`1/f = (-1 + 4)/100`

`1/f = 3/100`

`f = 100/3 = 33.3` cm

= 0.33 m

हम जानते हैं, शक्ति,

`P = 1/f`

`p = 1/0.33` = +3.0 D

दृष्टिदोष को सुधारने के लिए +3.0 D की शक्ति वाला उत्तल लेंस आवश्यक है।

shaalaa.com
दृष्टि दोष तथा उनका संशोधन: दीर्घ-दृष्टि दोष
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: मानव नेत्र एवं रंगबिरंगी संसार - अभ्यास [पृष्ठ २२०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Vigyaan [Hindi] Class 10
पाठ 11 मानव नेत्र एवं रंगबिरंगी संसार
अभ्यास | Q 7. | पृष्ठ २२०
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×