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प्रश्न
ब्रिटेन में स्त्रियों के भिन्न-भिन्न वर्गों के जीवन पर औद्योगिक क्रांति का क्या प्रभाव पड़ा?
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उत्तर
ब्रिटेन में औद्योगिक क्रान्ति से पूर्व महिलाएँ खेतों के काम में सक्रिय रूप से सहयोग करती थीं। पशुओं का पालन-पोषण उन्हीं के द्वारा होता था। बच्चों की देखरेख व खाना पकाने का काम उन्हीं के हाथों संपन्न होता था। सूत कातना भी उन्हें आता। घर के खर्च के लिए स्त्रियों को मजदूरी भी करनी पड़ती थी। लेकिन औद्योगीकरण के कारण ब्रिटेन में पुरुष श्रमिकों के साथ स्त्रियों एवं बच्चों की भी हालत और ज्यादा खराब हो गई। उद्योगपति, स्त्रियों को पुरुषों की अपेक्षा शीघ्र काम पर रख लेते थे क्योंकि वे इतनी सशक्त नहीं होती थीं कि संगठन बनाकर उनके अत्याचारों व शोषणवादी प्रवृत्ति की खिलाफत कर सकें। वे इतनी सक्षम भी नहीं थीं कि वे हिसांत्मक रूप से आंदोलन भी कर सकें।
ब्रिटेन में औद्योगीकरण के कारण स्त्रियों को कारखानों में ज्यादा देर तक काम करने के फलस्वरूप उसका बुरा प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ा और स्त्रियों का गृहस्थ जीवन बर्बादी की कगार पर आ गया। वहीं दूसरी तरफ औद्योगीकरण के कारण संपन्न व उच्चवर्ग की स्त्रियों का जीवन और भी अधिक आनंदमय हो गया। उन्हें आसानी से आराम एवं ऐश्वर्य की वस्तुएँ प्राप्त होने लगीं। उनके भौतिक जीवन में काफी अनुकूल परिवर्तन आए। यातायात के साधनों के फलस्वरूप उन्हें और भी ज्यादा आजादी प्राप्त हो गई जो औद्योगीकरण से पूर्व सीमित थी।
नि:संदेह औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप उच्च वर्ग की महिलाओं का जीवन और अधिक सुविधापूर्ण तथा आनंदमय बन गया। उन्हें नवीन उपभोक्ता वस्तुएँ व भोजन सामग्री प्राप्त होने लगी। उनकी जीवन शैली में हर दिन बदलाव आने लगा था।
