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भौगोलिक सूचना तंत्र से संबंधित कार्यों को क्रमबद्ध रूप में किस प्रकार किया जाता है? - Geography (भूगोल)

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प्रश्न

भौगोलिक सूचना तंत्र से संबंधित कार्यों को क्रमबद्ध रूप में किस प्रकार किया जाता है?

दीर्घउत्तर
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उत्तर

भौगोलिक सूचनातंत्र से संबंधित क्रियाओं को क्रमबद्ध रूप में करना होता है जैसे

  1. स्थानिक आंकड़ा निवेश – इसमें आंकड़ा आपूर्तिदाता से आंकिक आंकड़ा समुच्चय का प्रग्रहण करके, जो विभिन्न स्रोतों से प्राप्त हुए होते है, उनकी जाँच की जाती है कि आंकड़े अपने अनुप्रयोग के साथ संगत हैं।
    अथवा नहीं। याद ऐसा नहीं है तो उन्हें संगत बनाने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
  2. गुणन्यास की प्रविष्टि – इसमें प्रकाशित रिकार्डी, सरकारी जनगणनाओं, प्राथमिक सर्वेक्षणों अथवा स्प्रेडशीटों जैसे स्रोतों से उपार्जित गुण न्यास को GIS सूचनाधार में या तो हस्तेन अथवा मानक स्थानांतरण फार्मेट का प्रयोग करते हुए, आंकड़ों को प्राप्त करके निवेश किया जाता है।
  3. आंकड़ों का सत्यापन तथा संपादन – इसमें आंकड़ों की शुद्धता को सुनिश्चित करने हेतु त्रुटियाँ की पहचान तथा उनमें आवश्यक संशोधन के लिए भौगोलिक सूचना तंत्र में प्रग्रहित आंकड़ों को सत्यापन की आवश्यकता होती है। स्थानिक और गुण-न्यास के प्रग्रहण, के दौरान उत्पन्न त्रुटियों को इस तरह वर्गीकृत किया जा सकता
    (क) स्थानिक आंकड़े अपूर्ण अथवा दोहरे हैं।
    (ख) स्थानिक आंकड़े गलत मापनी पर है।
    (ग) स्थानिक आंकड़े विरुपित हैं।
  4. स्थानिक और गुण न्यास आंकड़ों की सहलग्नता – इसमें आंकड़े एक-दूसरे से सुमेलित होने चाहिए।
    (v) स्थानिक विश्लेषण-स्थानिक विश्लेषण की कई विधियाँ है जैसे
    (क) अधिचित्रण विश्लेषण
    (ख) ब्रफर विश्लेषण
    (ग) परिपथ जाल विश्लेषण
    (घ) आंकिक भू-भाग मॉडल। भौगोलिक सूचना तंत्र में विश्लेषण के लिए ये सभी विधियाँ उपयोग में लाई जाती हैं। कौन-सी विधि कहाँ उपयुक्त होगी यह निश्चित करके ही उसका उपयोग करना चाहिए।
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भौगोलिक सूचना तंत्र की क्रियाओं का अनुक्रम
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